छत्‍तीसगढ़ का पहला मामला, धड़कते दिल को खोलकर निकाला दुर्लभ कैंसर ट्यूमर

रायपुर। हृदय के दुर्लभ कैंसर ट्यूमर की सर्जरी कर एक युवक की जान बचाई। चिकित्सकों ने बताया कि यह युस्टेचियन वाल्व ट्यूमर 10 करोड़ लोगों में एक हो ही होता है। इसमें बचने की संभावना बेहद कम होती है। धड़कते हुए दिल में छत्‍तीसगढ़ का इस तरह के हृदय रोग का पहला केस है, जिसमें चिकित्सकों को बड़ी सफलता मिली है। छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित डा. भीमराव आंबेडकर मेमोरियल अस्पताल के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (एसीआइ) में य‍ि सर्जरी हुई।

हार्ट चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. कृष्णकांत साहू ने बताया कि 30 वर्षीय युवक को चार महीनों से सांस फुलने और खांसने के दौरान खून आने की शिकायत लेकर पहुंचा। जांच में पता चला कि इसके हृदय में कैंसर (युस्टेचियन वाल्व ट्यूमर) है। इसमें धड़कते हुए दिल के चेंबर को खोलकर दाए अलिंद के अंदर स्थित हृदय में युस्टेचियन वाल्व के उपर के दुर्लभ ट्यूमर को निकाला गया।

डा. कृष्णकांत ने बताया कि मरीज की बिंटिंग हार्ट ओपन (हार्ट सर्जरी धड़कते हुए दिल में सर्जरी) की गई, जो कि बेहद जटिल प्रक्रिया है। इलाज सर्जरी के छह दिन बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है। युवक का इलाज आयुष्मान योजना के तहत निश्शुल्क किया गया है। सर्जरी में हार्ट सर्जन डा. कृष्णकांत, डा. निशांत चंदेल, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डा. तान्या, नर्सिग स्टाफ राजेन्द्र कुमार साहू, नरेन्द्र मरकाम, चौवाराम, मुनेश, चंदन, डिगेश्वर, भूपेन्द्र, हरीश का सहयोग रहा।

बड़े प्राइवेट अस्पतालों ने खड़े किए हाथ

मरीज ने बताया कि हृदय से संबंधित समस्या पर रायपुर के कई प्राइवेट अस्पतालों में गए। वहां चिकित्सकों ने स्थिति देखकर हाथ खड़े कर दिए। वहीं बाहर जाकर इलाज कराने के लिए कहा। जिसमें लाखों रुपये का खर्च आ रहा था। चिकित्सकों ने आपरेशन के सफल होने की संभावना भी बेहद कम बताई थी। जानकारी मिलने के बाद आंबेडकर अस्पताल के हृदय रोग विभाग आए। वहां आपरेशन के बाद मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं।

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