दुर्ग। सुपेला थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुई एक युवक की करंट लगने से मौत के मामले में पुलिस जांच पूरी होने के बाद दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही से मौत का अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान संचालक बिना सेफ्टी के ही वर्कर से शाबिर अहमद से दुकान में इलेक्ट्रिक का कार्य करवा रहा था। अचानक करंट लगने से उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन साल बाद अपराध पंजीबद्ध किया है।
मृतक का नाम शाबिर अहमद (22 वर्ष), पिता नासिर अहमद, निवासी इस्लाम नगर, सुपेला है। पुलिस के अनुसार 10 दिसंबर 2022 को शाबिर अहमद सुपेला मस्जिद (नूर) के पीछे स्थित जुबैर कुरैशी की दुकान में इलेक्ट्रिक का काम कर रहा था। इसी दौरान उसे अचानक बिजली का करंट लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद उसे तत्काल इलाज के लिए शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी ले जाया गया, जहां आपातकालीन विभाग में इलाज के दौरान उसी दिन दोपहर 1:48 बजे उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर सुपेला थाना पुलिस ने धारा 174 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत मर्ग क्रमांक 110/2022 कायम कर जांच शुरू की। पुलिस द्वारा पंचनामा कार्रवाई की गई और मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने मृत्यु का कारण कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया, जबकि मृत्यु का संभावित माध्यम इलेक्ट्रिक शॉक (बिजली का झटका) लिखा गया। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों और पंचों के बयान दर्ज किए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि दुकान संचालक जुबैर कुरैशी द्वारा शाबिर अहमद से बिना किसी सुरक्षा उपकरण जैसे दस्ताने, गमबूट और हेलमेट के बिजली का काम कराया जा रहा था।