जिला जनपद पंचायत के कर्मचारी सेवानिवृत्ति के पश्चात पेंशन का लाभ पाने से वंचित – नंद लाल साहू

जिला-जनपद पंचायतो के मूल कर्मचारियों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संविलियन करते हुए पेंशन आदि की सुविधायें लागू कराये जाने की लंबित मॉग फिर उठी

सक्ती-छत्त्तीसगढ़ जिला-जनपद पंचायत कर्मचारी संघ की प्रांतीय मैराथन बैठक प्रांताध्यक्ष नंद लाल साहू की अगवाही में छत्तीशगढ़ राज्य कर्मचारी संघ के प्रंतीय कार्यालय सिचाई परिसर शहीद भगत सिंह चौक शंकर नगर रायपुर में आहूत की गई थी, जिसमें प्रांताध्यक्ष नंदलाल साहू के साथ साथ प्रदेश संयोजक डी.के.महोबिया, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष संतोष सोनी, प्रदेश सचिव बी.आर.साहू,उपप्रांताध्यक्ष एस. जी गोस्वामी, कोषाध्यक्ष दीपक सिंह राजपूत, विधिक सलाहकार मिर्जा इश्तियाक बेग, डी.आर. साहू उपस्थित रहे।

प्रांताध्यक्ष नंदलाल साहू व प्रदेश सचिव बी.आर.साहू ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बनाये गये छत्तीसगढ़ पंचायत (भर्ती तथा सेवा शर्ते) नियम 1999 में बनाए गए प्रावधान अनुसार जिला एव जनपद पंचायतों में कर्मचारियों की नियुक्ति गठित समिति के माध्यम से किया जाता है। छग पंचायतराज अधिनियम 1993 की धारा 131 में जिला/जनपद पंचायतों के कर्मचारियों को वेतन भत्ते, पेंशन एवं सेवानिवृत्त के लाभ दिये जाने का प्रावधान भी उल्लेखित है, किन्तु शासन स्तर से स्पष्ट आदेश नहीं होने के कारण जिला / जनपद पंचायत के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के पश्चात पेंशन का लाभ पाने से वचित है। जिसके कारण सेवा निवृत्ति पश्चात पेशन प्राप्त न होने से आजीविका में भारी कठिनाई होती है। वर्तमान में सम्पूर्ण छ.ग. की 27 जिला एवं 146 जनपद पंचायतो मे लगभग 850 कर्मचारी ही कार्यरत है

सन् 1981 से 1989 के मध्य जनपद सभा एव जनपद पंचायतो मे पदस्थक कर्मचारी जैसे- आयुर्वेदिक डाक्टर, कम्पाउन्डर, वाटरमेन, टाईमकीपर एवम शिक्षको का संविलियन शासकीय विभागों में किया जा चुका है। किन्तु आज तक जिला जनपद पचायतो में कार्यरत लिपिको एवं भृत्यो का सविलियन शासकीय विभागों में नहीं किया गया है और ना ही पेंशन लाभ दिया जा रहा है,पंचायतीराज व्यवस्था के तहत जिला जनपद पंचायतो को अधिकार प्रत्यायोजन के अतर्गत 23 से भी अधिक विभागों के कार्य योजना के सुचारू रूप से सचालन की महती भूमिका दी गयी है। शासकीय कर्मचारियों के अनुरूप ही मूल जिला/जनपद पंचायत के कर्मचारियों द्वारा शासन के कार्यो एवं योजनाओं को सफलता पूर्वक सम्पन्न किया जा रहा है, परन्तु साथ कार्य करने वाले शासकीय कर्मचारियों को वेतन, भत्ते एवं पेंशन का लाभ मिल रहा है. इसके विपरीत हम मूल जिला/जनपद पंचायत के कर्मचारियों को वेतन, भत्ते एवं पेंशन का लाभ शासकीय कर्मचारियों के अनुरूप प्राप्त नहीं होता है।

मूल जिला/जनपद पंचायत के कर्मचारियों वेतन भत्ते का भुगतान शासन स्तर से वर्ष में एक बार प्राप्त होने वाले मुद्रांक शुल्क की राशि से किया जाता है, वो भी मुद्राक शुल्क की राशि से पूर्णतया वेतन भुगतान संभव नहीं हो पाता है। मुद्रांक शुल्क की राशि जनसंख्या के अनुपात में प्राप्त होता है, जो कि वेतन भत्ते के लिये पर्याप्त नहीं होता है, जिससे परिवार के समक्ष आर्थिक परेशानी खड़ी हो जाती है

जिला/जनपद पंचायत के कर्मचारियों द्वारा जिन शिक्षक (पंचायत) संवर्ग की नियुक्ति की गई. उन शिक्षक पंचायत संवर्ग के कर्मचारियों का शासन द्वारा शिक्षा विभाग में संविनियन कर दिया गया, किन्तु वर्षों से जिला/जनपद पंचायतों में कार्यरत लिपिक एवं भृत्यों का संविलियन आज तक शासन द्वारा नहीं किया गया, जिससे मूल जिला/जनपद पंचायत में कार्यरत कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारियों की भांति वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सुविधाओं से वंचित है।

जिला/जनपद पंचायतों के मूल कर्मचारियों की संख्या बहुत ही कम है, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संविलियन करने से शासन को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आयेगा और संविलियन हो जाने से जिला/जनपद पंचायत में कार्यरत लिपिक एवं भृत्यों को भी शासकीय कर्मचारियों की भांति अन्य सुविधायें मिलने लगेंगे,प्रांताध्यक्ष नंद लाल साहू व प्रदेश सचिव बी.आर.साहू ने यह भी बताया कि गतवर्ष 26 दिसंबर 2021 को छत्त्तीसगढ़ जिला-जनपद पंचायत कर्मचारी संघ के पदाधिकारी ने पंचायत मंत्री से भेंट कर जिला जनपद पंचायत के कर्मचारियों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संविलियन हेतु अवगत कराया गया था, जिसपर पंचायत मंत्री द्वारा अवर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को परीक्षण कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया था

छत्त्तीसगढ़ जिला-जनपद पंचायत कर्मचारी संघ सरकार से यह मॉग करता है कि जिला/जनपद पंचायतों में कार्यरत लिपिक एवं भृत्यों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संविलियन करते हुए पेंशन आदि की सुविधायें लागू कराये,प्रांतीय मैराथन बैठक में प्रदेश के अलग अलग जिलों से आये अन्य पदाधिकारियों में गायत्री गुप्ता जिलाध्यक्ष बिलासपुर, अरविंद पाठक जिला अध्यक्ष कोंडागांव, सोनी जिला अध्यक्ष बेमेतरा, नीलमणि दुबे प्रांतीय सदस्य, विनोद सिंह ठाकुर प्रांतीय सदस्य,डीआर गंगवेर प्रांतीय सदस्य, यशवंत सिंह ठाकुर प्रांतीय सदस्य, मोहन गजेन्द्र पिथौरा, जीपी गौराहा बागबाहरा, केडी शर्मा फिंगेश्वर, मोहन लाल यादव धरसीवा, अशोक दुबे साजा- बेमेतरा रामदयाल पटेल बागबाहरा, धर्मेन्द्र सिधार साजा-बेमेतरा, प्रफुल्ल यदु कबीरधाम भी बैठक में उपस्थित रहें।

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