कोरबा। जिले के पसान इलाके के ग्राम मिसिया में एक प्रवासी मजदूर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मालूम हुआ है कि वह मजदूरी के पैसे खाते से नहीं निकल पाने के कारण दुखी था। 48 वर्षीय संतराम गोंड चेन्नई की एक बोरिंग कंपनी में काम करता था। कुछ समय उसने बेंगलुरु की एक फैक्ट्री में भी काम किया। दोनों जगह उसने किस्तों में मजदूरी से मिले 80 हजार रुपए भारतीय स्टेट बैंक में खाता खुलवा कर जमा कराए थे। तीन माह पहले मृतक अपने गांव वापस आया था।
इस बीच उसे जमा रकम की आवश्यकता महसूस हुई। उसने अपने भाई 35 वर्षीय अर्जुन के साथ ग्राम बोटोपाल की ब्रांच में जाकर रुपया निकालने की कोशिश की। किसी दिक्कत के कारण बैंक से रुपए नहीं निकाल पाया। पहले भी वह रकम निकालने की कोशिश कर चुका था। घटना के दिन बैंक से घर वापस आते ही उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सूचना मिलने पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना की जांच की जा रही है।