नई दिल्ली: सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की तरफ से राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि उन्हें ओडिशा के सभी दलों के सांसदों एवं विधायकों का समर्थन प्राप्त होने की उम्मीद है क्योंकि वह उस राज्य की बेटी हैं। जनजातीय नेता से राज्यपाल तक की यात्रा तय करने वाली मुर्मू ने कहा कि उन्हें टेलीविज़न के माध्यम से खबर प्राप्त हुई कि उन्हें NDA की तरफ से देश के सर्वोच्च पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है।
मुर्मू ने रायरंगपुर में अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा, “मैं आश्चर्यचकित और खुश हूं। मयूरभंज जिले से आने वाली एक आदिवासी महिला के तौर पर मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इस पद का प्रत्याशी बनाया जाएगा।” उन्होंने कहा कि NDA सरकार ने आदिवासी महिला का चयन कर के भाजपा के नारे “सबका साथ सबका विश्वास” को साबित कर दिया है।
वही यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें बीजू जनता दल (बीजेडी) का समर्थन प्राप्त होगा, मुर्मू ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मुझे ओडिशा के सभी विधायकों तथा सांसदों का समर्थन मिलेगा।” राष्ट्रपति चुनाव के लिए इलेक्टोरल कॉलेज में बीजू जनता दल के पास 2।8 फीसदी से अधिक मत हैं। उन्होंने कहा, “मैं इस राज्य की बेटी हूं। मुझे एक ओड़िया होने के नाते सबसे यह अनुरोध करने का अधिकार है कि मेरा समर्थन करें।” संथाल समुदाय में जन्मी मुर्मू ने अपने सियासी करियर का आरम्भ 1997 में रायरंगपुर नगर पंचायत के सदस्य के तौर पर की थी तथा आगे बढ़ते-बढ़ते 2000 में बीजू जनता दल-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन सरकार में मंत्री बनीं तथा 2015 में झारखंड की पहली महिला राज्यपाल बनीं। रायरंगपुर सीट से दो बार विधायक रह चुकीं मुर्मू 2009 में उस समय भी अपनी सीट से जीती थीं जब बीजू जनता दल ने चुनाव से कुछ ही हफ्ते पहले भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन तोड़ लिया था। इस चुनाव में बीजू जनता दल को भारी जीत मिली थी।