ओड़िशा के मरीज का बीएसकेवॉय से हुआ निःशुल्क इलाज…..
रायपुर. मोवा स्थित श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के डॉक्टरों ने महज 3 सेमी के कीहोल सर्जरी से ओड़िशा के एक मरीज के 26 एमएम छेद को बंद किया है. इस सर्जरी की सबसे खास बात ये है कि ऑपरेशन के महज 2 घंटे के अंदर मरीज वेंटीलेटर से बाहर आ गया और अगले दिन से चलना-फिरना शुरू कर दिया.
श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के डायरेक्टर डॉ देवेंद्र नायक ने बताया कि अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग ने ओड़िशा के 23 वर्षीय मरीज का ये सफल ऑपरेशन ओडिशा सरकार की स्वास्थ्य योजना के तहत निःशुल्क किया है.
डॉ देवेंद्र नायक ने बताया कि इस ऑपरेशन को सफल बनाने में कार्जडियक सर्जर डॉ विवेक वाधवा, कार्डियक एनस्थेटिस्ट और इंटेंसिविस्ट डॉ देवेंद्र पांडे और कार्डियोलॉजिस्ट डॉ निखिल मोतीरमानी और अस्पताल के अन्य ओटी स्टॉफ ने अहम भूमिका निभाई.

ये है कीहोल सर्जरी के फायदें
कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने बताया कि कीहोल सर्जरी से हार्ट के छेद को बंद करने का सबसे बड़ा फायदा ये हुआ कि ऑपरेशन के लिए मरीज की छाती नहीं खोलनी पड़ी. वहीं मरीज 2 घंटे में वेंटीलेटर से बाहर आ गया और अगले दिन चलने फिरने लगा. वहीं तीन दिनों तक मॉनिट्रिंग करने के बाद डिस्चार्ज कर दिया जाएगा. डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को साइनस था. जिसकी वजह से उसे सास लेने में काफी तकलीफ होती थी. इस दौरान उसने चेकअप करवाया तो पता चला कि उसके हार्ट में 26 एमएम का छेद है. हालांकि ऑपरेशन के बाद मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ्य है.