किरंदुल राघव मंदिर में चतुर्धा विग्रहों को करवाया गया देव स्नान

किरंदुल-लौहनगरी किरंदुल राघव मंदिर परिसर में मंगलवार को देवस्नान पूर्णिमा के मौके पर भगवान श्री जगन्नाथ बलभद्र एवं माता सुभद्रा को स्नान मंडप लाया गया। जहां उन्हें पवित्र नदियों के जल,मधु,सुंगधित द्रव्य और अन्य सामग्री से स्नान कराया गया। स्नान से पहले पौड़ी की रस्म निभाते हुए उनकी पूजा-अर्चना की गई।जगन्नाथ संस्कृति के अनुसार गर्मी से राहत पाने के लिए प्रभु 108 कलश जल से खूब स्नान करते हैं जिस कारण उन्हें ठंड लग जाती है।शाम को गजानन वेश के बाद वे बीमार पड़ जाते हैं और 15 दिनों के लिए कोपगृह में चले जाता हैं।इस दौरान कोपगृह में केवल सेवक ही सेवा करते हैं और मंदिर का पट बंद रहता है। बता दें पूरी विधि विधान से देवस्नान पूर्णिमा सम्पन्न कराई गई। मंदिर के पांडा ने बताया कि महाप्रभु जगन्नाथ ने मनुष्य के रूप में दर्शन दिए हैं,इसलिए वे बीमार भी पड़ते हैं और उन्हें इन दिनों भोजन की बजाए वन औषधि युक्त काढ़ा पिलाई जाएगी ताकि जल्द स्वस्थ हो सके।इस मौके पर जगन्नाथ सेवा समिति के लोग सम्मिलित हुए।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *