किरंदुल एमएमडब्लू श्रम संघ ने हमेशा उत्पादन, प्रेषण तथा कंपनी हित को सर्वोपरि रखा है, इसी तारतम्य में उत्पादन एवं उत्पादकता के क्षेत्र में और अधिक बेहतर कार्य करने तथा कर्मचारियों एवं परियोजना हित में विविध बिंदुओं का मांग पत्र एनएमडीसी के निदेशक (उत्पादन) डी के मोहंती को उनके किरंदुल आगमन पर सचिव ए के सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष चिन्नास्वामी के नेतृत्व में सौंपा गया तथा त्वरित आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई, जिनमें प्रमुख रूप से वर्तमान में खनन किए जा रहे लौह अयस्क के साथ माईनिंग के भविष्य को ध्यान में रखते हुए वेस्ट माईनिंग पूर्व की भांति प्रतिदिन करने का सुझाव, जिससे वेस्ट माईनिंग के साथ संयंत्र क्षेत्रों का अनुरक्षण करने में सहूलियत होगी। वेस्ट माईनिंग हेतु कार्य योजना तैयार की जावे ताकि, कर्मचारी वेस्ट माईनिंग को मूर्तरूप प्रदान कर सके तथा यह कार्य पूर्णतः विभागीय हो अर्थात निजीकरण न हो , प्रबंधन द्वारा कोर एरिया में निजी वाहनों का संलग्नीकरण श्रम संघ के बिना जानकारी एवं सहमति के किया जा रहा है, जो श्रम संघ को अस्वीकार्य है। कोर एरिया में नियमित कर्मचारी एवं शासकीय वाहनों का संलग्नीकरण मात्र स्वीकार्य है, श्रम संघ ने हमेशा निजीकरण का विरोध किया है, अतः खनन के कोर एरिया में संलग्न निजीवाहनों को अतिशीघ्र हटाते हुए विभागीय वाहनों को संलग्न किया जावे। बी०आई०ओ०एम० किरंदुल कॉम्प्लेक्स के खनन, संयंत्र, ऑफिस क्षेत्र में कार्य हेतु कामगारों की भारी कमी है। खनन, संयंत्र, ऑफिस क्षेत्र में नियमित कर्मचारियों की भर्ती स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता देते हुए यथाशीघ्र की जावे। उत्पादन प्रेषण हेतु कामगारों के साथ-साथ उसमें उपयोग होने वाले उपकरणों एवं वाहनों की परियोजना में कमी है, संलग्न मशीनें पुरानी हैं, इसका शीघ्र निराकरण हो। यदि, वर्तमान एवं भविष्य में उत्पादन प्रेषण में वृद्धि करना है तो कामगारों की भर्ती के साथ नवीन वाहन एवं वर्तमान में संचालित वाहनों हेतु उपकरणों की खरीदी तत्काल की जाए। बस स्टेण्ड से लोडिंग प्लांट तक निर्मित सड़क अत्यंत ही संकरी है एवं उस रास्ते से वाहनों का संचालन भी बड़ी मात्रा में होता है, जिस कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अतः श्रम संघ मांग करत है कि, बस स्टैंड से लोडिंग प्लांट तक सड़क का चौड़ीकरण किया जावे। वर्तमान में कंपनी के ऊपर उत्पादन प्रेषण का अत्याधिक दबाव है, परंतु प्रबंधन के पास भरण संत्रय क्षेत्र में अधिक मात्रा में लौह अयस्क रखने की व्यवस्था नहीं है, अत: लौह अयस्क डम्प करने हेतु डम्प एरिया का विस्तारीकरण करने की योजना प्रबंधन द्वारा बनाई जावे ताकि भविष्य की आवश्यकता की पूर्ति हो। तीनों पालियों मशीन क्लिनिंग के लिए मेनपावर की पूर्ति की जाये, जिससे अधिक उत्पादन किया जा सके। आर्सेलर मित्तल कभी भी अचानक हमारे अयस्क की खरीदी बंद कर देता है, जिससे निगम को आर्थिक क्षति तथा स्टोरेज की समस्या से जूझना पडता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होती है। इस समस्या का निराकरण किया जाये। अंतर परियोजना स्तरीय तथा एनएमडीसी परियोजना के क्षेत्रीय मुख्यालयों में स्थानांतरण हेतु प्रस्तुत आवेदन पत्रों पर त्वरित कार्रवाई की जाये। बढती हुई जनसंख्या तथा परियोजना अस्पताल पर अधिक निर्भरता के कारण चिकित्सकीय सुविधाओं के उन्नयन के साथ-साथ चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की भर्तियां शीघ्र किया जाये। NIIT एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कोचिंग करने वाले छात्रों को कोचिंग शुल्क एवं छात्रावास शुल्क का प्रावधान किया जाये। अंतर परियोजना खेल प्रतियोगितायें पूर्ववत आयोजित किया जाये। इस अवसर पर राजेन्द्र यादव, राकेश लाल, सुरेश गुप्ता, अरविंद गुप्ता, दुर्गा प्रसाद, त्रिलोक बांधे, जिया उल हसन, देवनारायण, नथेला नेताम, शैलेश रथ, बीजी प्रदीप, टीकम साहू सहित समस्त पदाधिकारी उपस्थित थे