मेडिकल स्टूडेंट दानिश ने बताई रूस- यूक्रेन युद्ध के बीच अपनी आप बीती, विगत 5 वर्षों से यूक्रेन में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं दानिश
सक्ती-वर्तमान में रूस एवं यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर नगर पालिका शक्ति के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद इदरीश कुरैशी के सुपुत्र दानिश कुरेशी जो कि विगत 5 वर्षों से यूक्रेन में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं, तथा दानिश ने 2 माह पूर्व ही मेडिकल के 11 वें सेमेस्टर में प्रवेश किया था, तथा 1 वर्ष की ही दानिश की पढ़ाई शेष है, किंतु इसी बीच रूस एवं यूक्रेन के युद्ध ने इन सभी मेडिकल स्टूडेंट्स को काफी प्रभावित कर दिया तथा युद्ध के हालात को देखते हुए जहां कई दिनों तक दानिश अपने सहपाठियों एवं मित्रों के साथ बंकरमें फंसे रहे तथा दानिश की मानें तो वहां के स्थानीय लोगों ने एवं एनजीओ ने जो उन्हें सहायता पहुंचाई इसके लिए वे जीवन भर उनका सहयोग नहीं भूल सकते, दानिश का कहना है कि युद्ध की स्थिति को देखते हुए फरवरी माह में कुछ एडवाइजरी जारी जरूर हुई थी, किंतु वहां के प्रशासन द्वारा मेडिकल स्टूडेंट को सुरक्षा पहुंचाने की दृष्टि से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, जिसके चलते आज यह स्थिति बनी तथा मेडिकल स्टूडेंट्स ने अपने स्वयं के प्रयास एवं विवेक से ही निर्णय लेते हुए अपने आप को वहां सुरक्षित किया तथा लोगों से सहायता प्राप्त करते हुए भारत वापसी का मार्ग प्रशस्त किया एवं वहां की एंबेसी ने भी अपेक्षाकृत सहयोग नहीं दिया, जिसके चलते उन्हें कई बार दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा दानिश कहते हैं कि उन्होंने अनेकों रातें यूक्रेन के बंकर में बिताई तथा उन्होंने समझदारी से काम लेते हुए अपने आपको तथा अपने मित्रों एवं सहपाठियों को भी परेशानियों से बचाया तथा में खाने-पीने की सुविधाएं नहीं थी,किंतु वे कहीं न कहीं से प्रयास कर कुछ खानपान कर लेते थे एवं यूक्रेन से वे हंगरी बॉर्डर तक किसी तरह से बहुत ही परेशानियों का सामना करते हुए पहुंचे तथा हंगरी बॉर्डर में भी उन्हें भारत वापसी के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा किंतु यूक्रेन में एंबेसी ने उनका कोई विशेष सहयोग नहीं किया, तथा एंबेसी के द्वारा उन्हें सिर्फ सांत्वना जरूर दी जाती रही, किंतु सकारात्मक रूप से मेडिकल स्टूडेंट्स को प्रोत्साहन कि कहीं न कहीं कमी देखी गई दानिश के अनुसार हंगरी बॉर्डर से भारत आने के लिए जहां भारत की सरकार ने उनकी व्यवस्था की तो वहीं दिल्ली से छत्तीसगढ़ जाने के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार ने उन सभी मेडिकल स्टूडेंट की व्यवस्था की, दानिश कहते हैं कि आज उनके पिता द्वारा किए गए सकारात्मक प्रयासों के चलते भी उनकी सुरक्षित भारत वापसी हुई है ,तथा उनके पिता नगरपालिका शक्ति के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद इदरीश कुरैशी ने भी निरंतर अपने बच्चे तथा उसके अन्य साथियों की सुरक्षित वापसी के लिए शासन- प्रशासन के अलावा उच्च स्तरीय प्रयास किए जिसके प्रति फल स्वरुप यह सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है, उल्लेखित हो कि यूक्रेन में फंसे भारतीय स्टूडेंट्स के लिए जहां भारत की सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार सहित जिन -जिन राज्यों के बच्चे वहां फंसे हुए हैं वे सभी संयुक्त रूप से काफी प्रयास कर रहे हैं ,किंतु इसके बावजूद मेडिकल स्टूडेंट्स को ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं इन प्रयासों को और अधिक गति मिलनी चाहिए जिससे उन सभी मेडिकल स्टूडेंट को अपनी सुरक्षा के प्रति विश्वास पैदा हो, वही दानिश कुरेशी विगत 5 वर्षों से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, तथा आने वाले 1 साल में उनकी मेडिकल की पढ़ाई पूरी होनी है
किंतु अब आगे क्या होगा यह तो समय ही बताएगा किंतु इस बात को लेकर दानिश एवं उनके पिता को मलाल जरूर है कि आज बार-बार पढ़ाई बाधित हो रही है, इससे पहले कोविड काल में भी विदेशों के बच्चों को भारत वापसी लाने के लिए भी इसी तरह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था, किंतु आज पुनः यह युद्ध की स्थिति कहीं न कहीं उन मेडिकल स्टूडेंट की भावनाओं को आहत कर रही है, तथा उनकी पढ़ाई में बाधा डाल रही है ,तथा दानिश कहते हैं कि आज भारत में भी इसी तरह से मेडिकल के क्षेत्र में छात्रों को पढ़ाई के लिए और अधिक सुविधाओं में बढ़ोतरी होनी चाहिए जिससे छात्र विदेश ना जा सके एवं भारत में ही उन्हें सारी सुविधाएं मिल सकें, दानिश कुरेशी की सुरक्षित वापसी पर अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद शक्ति शाखा के महामंत्री एवं सिविल कांट्रेक्टर अमरलाल अग्रवाल ने भी उनके निवास पर पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की तथा उनके पूरे परिवार को भी बधाई दी, वहीं इस दौरान नगरपालिका शक्ति के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद इदरीश कुरैशी ने भी कहा कि उन्होंने अपने सुपुत्र की वापसी के लिए निरंतर सभी से संपर्क किया तथा छत्तीसगढ़ की केंद्रीय मंत्री से भी उनकी निरंतर बातें होती रही तथा केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह ने भी उन्हें काफी सहयोग प्रदान किया तथा इदरीश कुरेशी ने सभी सहयोगियों का भी बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनके सुपुत्र तथा उनके साथियों की वापसी के लिए प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रुप से सहयोग दिया,तथा इदरीश कहते हैं कि आज भारत के जितने मेडिकल स्टूडेंट्स नागरिक यूक्रेन में है ,वर्तमान स्थिति को देखते हुए वे सभी सुरक्षित भारत अपने घरों को आ जाएं ऐसी वे प्रार्थना करते हैं