34 लाख की साइबर ठगी, 2 अपराधी गिरफ्तार किए गए

रायपुर। पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा द्वारा रेंज साइबर थाना को साइबर अपराधों में संलिप्त मुख्य आरोपियों के विरुद्ध तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर प्रभावी कार्यवाही करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम के माध्यम से अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर अज्ञात आरोपियों द्वारा साइबर फ्राड करने पर थाना राखी और धरसीवां में अपराध पंजीबद्ध किया गया था। प्रार्थी पारस कुमार धीवर द्वारा थाना राखी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम के झांसे 24 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। रिपोर्ट पर थाना राखी में अपराध क्रमांक 224/24, धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। प्रार्थी ललित साहू द्वारा थाना धरसीवां में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम के झांसे 34 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। रिपोर्ट पर थाना धरसीवां में अपराध क्रमांक 179/24, धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता, 66(D) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया था।

विवेचना के दौरान पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन में ऑपरेशन साइबर शील्ड के अंतर्गत बैंक खातों, मोबाइल नंबरों एवं टेलीग्राम एप से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। विश्लेषण के आधार पर प्रकरण में संलिप्त मुख्य आरोपियों की पहचान की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को राजस्थान और महाराष्ट्र भेजा गया, जहाँ रेड कार्यवाही कर पूर्व में तीन आरोपियों भवानी सिंह, निवासी अजमेर (राजस्थान) उत्पल पंचारिया, निवासी जोधपुर (राजस्थान) साहिल संतोष, नासिक (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तार आरोपी

आशीष परिहार, पिता बनवारी लाल परिहार, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम डेराथू, नसीराबाद, जिला अजमेर (राजस्थान) लक्ष्मन देवाशी पिता साकला देवासी उम्र 37 वर्ष पता भारला पाली (राजस्थान)

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