‘देशविरोधी स्टेज’ से देश की बुराई.., पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने फिर कही ये बात

नई दिल्ली: जिस संगठन पर देश में दंगे भड़काने और पाकिस्तानी एजेंसी ISI से लिंक का जिस संगठन पर इल्जाम है, उसके मंच से हामिद अंसारी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हाल के वर्षों में नागरिक राष्ट्रवाद को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से बदलने के प्रयास हो रहे हैं। देश के उपराष्ट्रपति रहे हामिद अंसारी ने कहा कि धार्मिक बहुमत को राजनितिक एकाधिकार के रूप में पेश करके मजहब के आधार पर असहिष्णुता को बढ़ावा दिया जा रहा है। बता दें कि हामिद अंसारी, बांदा जेल में कैद मुख़्तार अंसारी के चाचा हैं, वही मुख़्तार अंसारी जिसपर हत्या, दंगे भड़काना समेत 40 संगीन मामले दर्ज हैं।

हामिद अंसारी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर वॉशिंगटन में आयोजित वर्चुअल इवेंट के दौरान यह बातें कहीं। उनके साथ इस कार्यक्रम में एक अमेरिकी सीनेटर और निचले सदन यानी यूएस कांग्रेस के भी तीन सांसद उपस्थित थे। इतना ही नहीं अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग के प्रमुख ने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। देश के ‘बहुलतावादी संविधान का संरक्षण’ विषय पर आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में हामिद अंसारी एवं अन्य लोगों ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काऊ भाषण, UAPA एक्ट के कथित बेजा इस्तेमाल और कश्मीरी एक्टिविस्ट खुर्रम परवेज की गिरफ्तारी को लेकर बात की।

हालांकि, ऐसे तमाम दावों को भारत सरकार सिरे से खारिज करती रही है। सरकार की तरफ से अपने लोकतांत्रिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा गया है कि उसकी संसदीय प्रणाली और कानून पूर्णतः पारदर्शी हैं। देश में नियमित और पारदर्शी चुनावों को भी भारत सरकार विश्व के समक्ष लोकतंत्र की सफलता के रूप में पेश करती रही है।

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