States Policy Conclave के उद्घाटन सत्र को CM शिवराज सिंह चौहान ने किया संबोधित

भोपाल: आज नई दिल्ली में आयोजित स्टेट्स पॉलिसी कॉन्क्लेव (States Policy Conclave 2021) के उद्घाटन सत्र को मध्यप्रदेश के शिवराज सिंह चौहान ने वर्चुअल रूप से संबोधित किया। वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने अपने संबोधन में कई तरह के विचार शेयर किये। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘MP कोरोना से बचाव के लिए PM द्वारा किए गए निर्देशों का पालन कर रहा है।’ इसी के साथ उन्होंने कहा- ‘मध्य प्रदेश कोरोना से बचाव के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सभी निर्देशों का पालन कर रहा है। प्रदेश में टीकाकरण तेज गति से जारी है। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि तीसरी लहर प्रदेश में न आने दें। प्रधानमंत्री ने COVID-19 के संकट में देश को मंत्र दिया “आपदा को अवसर में बदलने का”।

उन्होंने आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया, तो हमने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश लक्ष्य तय किया। हमने निर्भर मध्यप्रदेश की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।’ इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि, ‘हमने आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के लिए चार प्रमुख स्तंभ तय किए हैं। जिसमें पहला है इंफ्रास्ट्रक्चर। हम यहां अधोसंरचना पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। चाहे रोड कनेक्टिविटी हो या एयर कनेक्टिविटी, हम अधोसंरचना पर काम कर रहे हैं। दूसरा स्तंभ है गुड गवर्नेंस। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के लिए तीसरा स्तंभ है स्वास्थ्य और शिक्षा। चौथा स्तंभ है अर्थव्यवस्था और रोजगार। हम देखें तो अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए पहले दो स्तंभ यानी बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और गुड गवर्नेंस मुख्य आधार है।’
इसी के साथ इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मध्यप्रदेश की धरती पर बड़े उद्योगों का स्वागत है, साथ ही हम प्रदेश की धरती पर MSME का जाल बिछाना चाहते हैं। इससे तेजी से रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। यदि देश को आत्मनिर्भर बनाना है, तो राज्यों को आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा। हमने मप्र के लिए एक रोड मैप तैयार कर प्राथमिकताएं तय कर दी हैं।’ आगे उन्होंने कहा, ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के हमारे चार प्रमुख स्तंभ हैं। भौतिक अधोसंरचना, गुड गवर्नेंस, हेल्थ व एजुकेशन और अर्थव्यवस्था एवं रोजगार। सरकार के दो प्रमुख लक्ष्य हैं। एक मध्यप्रदेश के नौजवानों में उद्यमिता के गुण का विकास करना। वह रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। दूसरा देश नहीं, बल्कि दुनिया में निवेश के लिए सबसे आकर्षक राज्य मध्यप्रदेश को बनाना है।’

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