छत्तीसगढ़: फेरे लगने से पहले जिला प्रशासन ने दी दस्तक, रोका गया बाल विवाह

कोण्डागांव: कोण्डागांव जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत किबईबालेंगा में बाल विवाह की सूचना परियोजना कोण्डागांव-2 के माध्यम से प्राप्त होने पर कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने जिला बाल संरक्षण ईकाई महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग एवं चाईल्ड लाईन की संयुक्त दल निर्माण कर कार्यवाही के निर्देश दिये थे। जिस पर दल गठित कर दल द्वारा बुधवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमाराम राणा एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी नरेन्द्र सोनी के मार्गदर्षन में कार्यवाही की गई। जिसमेें ग्राम पंचायत किबईबालेंगा निवासी बालिका सोनिया (परिवर्तित नाम) उम्र 16 वर्ष 08 माह का विवाह बड़ेबेन्दरी निवासी बालक गजेन्द्र (परिवर्तित नाम) उम्र 19 वर्ष के साथ सम्पन्न होना था। गठित संयुक्त दल द्वारा विवाह स्थल पहुंच कर दस्तावेजों का जांच एवं पूछताछ किया गया। जिसमें स्कूली दस्तावेज दाखिल खारिज में दर्ज जन्मतिथि 12.07.2005 अनुसार बालिका को विवाह योग्य नहीं पाया गया एवं सोनिया एवं गजेन्द्र के परिवार तथा दोनों पक्षों के उपस्थित सदस्यों एवं ग्रामीणों को समझाईश देते हुए दल द्वारा बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणाम एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के बारे में बताया गया। परिवार द्वारा बालक एवं बालिका की विवाह हेतु निर्धारित आयु पूरी होने के पष्चात् ही विवाह करने पर सहमति व्यक्त की गयी। इस संयुक्त दल में संरक्षण अधिकारी गैर संस्थागत जयदीप नाथ, परियोजना अधिकारी रजनी दुबे, आउटरिच वर्कर जिला बाल संरक्षण इकाई बरखा धर्मपाल, पुलिस विभाग से अषोक मरकाम एवं आषो मरकाम, अमीन एवं अजय चाईल्ड लाईन के कर्मचारी शामिल रहे।

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