छ.ग. के विकास की इस बजट में कोई कल्पना दिखाई नहीं देती – विधायक चंदेल
जांजगीर-चांपा जिले के भाजपा नेताओं ने भी दी बजट पर अपनी प्रतिक्रिया– नेताओं ने कहा आने वाले समय में यह बजट छत्तीसगढ़ को कर्ज में डूबोने वाला
सक्ती-जांजगीर-चाम्पा क्षेत्र के विधायक एवं छ.ग. विधान सभा के पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल छ.ग. के राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष-2022-23 के आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेष के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 09 मार्च को विधानसभा में प्रस्तुत इस आम बजट में विकास की कोई झलक दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि यह बजट सिर्फ आकड़ों का मायाजाल है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की किसी प्रकार की कल्पना इस बजट में परिलक्षित नहीं होता। विगत 3 सालों में विकास के सारे काम ठहर गये है बिजली, पानी, अस्पताल, स्कूल, सड़क जैसी बुनियादी चिजों के लिए इस बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं है। नये पुल, पुलिया, ओवरब्रीज इन सभी चिजों के लिए इस बजट में ‘‘ऊट के मुह में जीरा’’ है।
जांजगीर चांपा के विधायक चंदेल ने इस बजट को दिशाहीन बताया। बेरोजगार व नवजवानों को रोजगार देने का इस बजट में कोई प्रावधान नहीं है। ग्रामोद्योग, कुटीर उद्योग को बढ़ाने के लिये इस बजट में कोई उल्लेख नहीं है। प्रदेश के बुनकरों को कैसे रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा व उनके कर्ज माफ का कोई उल्लेख नहीं है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में नये स्कूल, स्कूलों का उन्नयन, नये महाविद्यालय भवन एवं नये स्कूल भवन के लिए इस बजट में कोई उचित राषि का प्रावधान नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पर भवन विहीन आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है वहां भी नये आंगनबाड़ी भवन के लिए इस बजट में कहीं कोई प्रावधान नहीं है। विधायक श्री चंदेल ने कहा कि स्थानिय लोगों को कैसे रोजगार मिलेगा, इसका इस बजट में कोई ठोस परिलक्षित नहीं होती। यह बजट हताशा व निराशा से भरा हुआ बजट है, तथा इस बजट में विकास की कहीं कोई दिषा दिखाई नहीं देती। विधायक चंदेल ने इस बजट की तिखी आलोचना करते हुए इसे छ.ग. के विकास को पिछे ले जाने वाला बताया है। इस बजट में कांग्रेस के जन घोषणा पत्र को पूरा किये जाने का कोई उल्लेख नहीं है। आज पूरे प्रदेश में अधिकारी व कर्मचारी आंदोलनरत है, कर्मचारियों को नियमितिकरण किये जाने का कोई उल्लेख नहीं है। यह बजट सिर्फ डोल में पोल है
वहीं भारतीय जनता पार्टी के जांजगीर-चांपा जिले के नेताओं ने भी छत्तीसगढ़ सरकार के बजट पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह बजट सिर्फ दिखावा है, तथा बजट में राज्य की उन्नति एवं प्रगति के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं हुए हैं, तथा आने वाले समय में यह बजट छत्तीसगढ़ को कर्ज में डूबोने वाला होगा