रायपुर : विशेष लेख : बस्तर एवं रायपुर में तीरंदाजी खेल अकादमी की स्थापना की जायेगी
बस्तर में साहसिक खेल अकादमी एवं नारायणपुर में मलखंभ अकादमी की स्थापना का प्रावधान
लेख : सुनील त्रिपाठी, सहायक निदेशक
रायपुर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 6 मार्च को अपने कार्यकाल का पांचवां बजट पेश किया। उल्लेखनीय है कि इस बजट में छात्रों से लेकर खिलाड़ियों तक सभी पर विशेष ध्यान दिया गया है. बजट में खिलाडिय़ों को शीर्ष स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मिनी स्टेडियम के निर्माण, महिला खेलों को बढ़ावा देने और विभिन्न खेल अकादमियों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य भर में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीण स्तर से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने तथा खेलकूद प्रतियोगिता एवं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों के आयोजन के लिए 5 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है.
इस बजट में साहसिक खेल, हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन, टेनिस और एथलेटिक्स जैसे विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों के लिए खेल अकादमियों की स्थापना का भी प्रावधान है। इसी प्रकार प्रदेश में शहीद गुंडाधुर तीरंदाजी तथा कयाकिंग एवं कैनोइंग खेल अकादमी भी स्थापित की जायेगी।
तीरंदाजी को राजकीय खेल के रूप में प्रोत्साहित करने के लिये बस्तर एवं रायपुर में तीरंदाजी खेल अकादमियों की स्थापना की जायेगी। नारायणपुर में मलखंभ अकादमी तथा रायपुर में अन्तर्राष्ट्रीय बैडमिंटन खेल अकादमी की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है।
बस्तर जिले में साहसिक खेल अकादमी की स्थापना तथा कुनकुरी के ग्राम सलियाटोली विकासखण्ड में साहसिक खेल सुविधाओं के विकास के लिये 3 करोड़ 70 लाख की राशि की घोषणा की गयी है. राज्य के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष से छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन शुरू किया गया है, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्ग के महिला-पुरुषों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
छत्तीसगढ़ ओलम्पिक के सफल आयोजन से स्थानीय लोगों की इन खेलों के प्रति रुचि एवं उत्साह को देखते हुए आगामी वर्ष छत्तीसगढ़ ओलम्पिक के भव्य आयोजन के लिये इस बजट में 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
राजीव युवा मितान क्लब के लिए 100 करोड़ रुपये और राजीव युवा महोत्सव के आयोजन के लिए भी 08 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है.