सड़क परिवहन मंत्री मो अकबर जी आज बस्तर में एक ह्रदयवीदारक सड़क दुर्घटना में पांच युवकों की आकस्मिक मृत्यु हो गई, पांच घरों के चिराग बुझ गए, वाहनों की तेज रफ्तार पर काबू पाने के लिए परिवहन विभाग ऐसे हादसों से कोई सबक नहीं लेता है, परिवहन विभाग सिर्फ वाहनों से दखल शुल्क की उगाही करवाने में व्यस्त है, परिवहन विभाग के कार्यालय में वाहन संबंधित किसी भी कार्य को करवाने के लिए दलालों को भारी-भरकम कमीशन उपभोक्ताओं को चुकाना पड़ता है, पूरे छत्तीसगढ़ में सड़कों का हाल बदहाल है, आरटीओ विभाग द्वारा कमर्शियल वाहनों से भारी भरकम उगाही करने हेतु गाड़ियों की लंबी कतार सड़कों पर लगाई जाती है जिससे ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है, राजधानी के टाटीबंध चौक पर ही ट्रैफिक व्यवस्था का बुरा हाल है सड़कों पर संध्या 4:00 बजे के बाद ट्रकों की लंबी कतार के कारण 4 से 6 घंटा लोगों को जाम में फंसे रहना पड़ता है, राजधानी के हिदय स्थल पर स्थित एमजी रोड पर तो अगर कोई संध्या 4:00 बजे के बाद अपने कार से गुजर जाए और सही सलामत निकल जाए तो वह अपने आप को किस्मत का बहुत बड़ा धनी महसूस करने लगता है | आपके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग को पूरे भारत में भ्रष्टाचार में नंबर 1 बना दिया है, एनएच से दंतेवाड़ा मुख्यालय को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर जानलेवा गड्ढे हैं जिसमें दुपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है | सड़क पर बेलगाम मवेशियों का जमावड़ा ट्रैफिक बाध्यता एवं कई बड़े दुर्घटनाओं का कारण बन जाता है | माननीय मंत्री जी आए दिन ऐसे सड़क दुर्घटनाओं से विभाग द्वारा कोई सबक नहीं लिया जाना प्रदेश वासियों के मन में पीड़ा एवं भय का कारण बनता जा रहा है, यात्री बसों की तेज रफ्तार साथ ही मनमाना किराया शुल्क जो इतना है कि शायद ही किसी अन्य राज्य में हो, परिवहन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश में कभी भी ओवर स्पीड वाहनों की चेकिंग नहीं की जाती, शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों पर जो कार्रवाई होती है वह सिर्फ खानापूर्ति मात्र है | जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के निवासी आरटीओ विभाग की उदासीनता का शिकार हो रहे हैं अन्य जिलों की अपेक्षा वाहनों का फिटनेस एवं अन्य शुल्क भी दंतेवाड़ा जिले में अधिक है | वर्तमान में तो हैवी लाइसेंस के रिन्यूअल के लिए भी यहां चालकों को सर्टिफिकेट हेतु राजधानी रायपुर कुछ करना पड़ता है जबकि आप स्वयं जानते होंगे कि दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा ग्रामीण बाहुल्य क्षेत्र है और राजधानी रायपुर की दूरी लगभग 400 किलोमीटर है फिर भी विभाग द्वारा ही समस्या के निराकरण हेतु कोई बंदोबस्त नहीं किया गया | आपके नेतृत्व में परिवहन विभाग अवैध वसूली कर भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान रच रहा है, प्रदेशवासियों के मन में सड़क दुर्घटनाओं के बारे में सुन सुनकर भय स्थापित हो गया है आता मंत्री जी सड़क परिवहन विभाग को सड़क दुर्घटना विभाग ना बना दिया जाए कृपया ध्यान देने की कृपा करें |