भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल में स्थित कमला नेहरू चिकित्सालय में पिछले 36 घंटे में 8 और बच्चों की जान चली गई। हालांकि हॉस्पिटल मेनेजमेंट इन मौतों के पीछे आगजनी के मामले को नकार रहा है। हॉस्पिटल मेनेजमेंट का कहना है कि सभी बच्चे प्री-मैच्योर थे। सभी को जन्म संबंधी कुछ दिक्कतें थीं, लिहाजा सभी की मौत को आग से नहीं जोड़ा जा सकता।
वही हॉस्पिटल मेनेजमेंट के अनुसार, सोमवार रात हुए आगजनी के मामले में 4 नवजात बच्चों की मौत हुई है, किन्तु उसके पश्चात् से अबतक SNCU वार्ड में एडमिट 8 और बच्चों की जान जा चुकी है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने इस बारे में कहा, “एसएनसीयू वार्ड में उन्ही बच्चों को एडमिट किया जाता है, जो कि प्री-मैच्योर होते हैं अथवा उन्हें जन्म संबंधी समस्याएं होती हैं, इनमें सांस से संबंधी समस्या सम्मिलित है।”
साथ ही विश्वास सारंग ने बताया, ”कुछ बच्चे जन्मजात रोगों के कारण भी एसएनसीयू वार्ड में एडमिट किए जाते हैं। लिहाजा यह बोलना गलत है कि सभी बच्चों की मौत के पीछे सोमवार रात हुआ मामला ही जिम्मेदार है। जिन 8 बच्चों की पिछले 36 घंटे में मौत हुई है, उनमें बीमारी तथा जन्म संबंधी समस्या कारण रहा है।” बच्चा वॉर्ड की हेड ज्योत्सना श्रीवास्तव के अनुसार, SNCU में सामान्य रूप से गंभीर तौर पर बीमार बच्चों को ही एडमिट किया जाता है। औसतन इतनी मौतें पहले भी होती रही हैं, हमने माता-पिता से कहा है कि उन्हें यदि कोई भी आशंका है कि उनके बच्चों की मौत कैसे हुई, तो वह पोस्टमार्टम के लिए अप्लाई कर सकते हैं, किन्तु अभी तक केवल एक ही परिवार ने अप्लाई किया है, जबकि अन्य परिवारों ने शवों को बिना पोस्टमार्टम के ही स्वीकार किया है।