एक्सिस बैंक ने भारतपे के साथ की साझेदारी

मर्चेंट एक्वायरिंग बिजनेस का विस्तार देने की कवायद – 

देश में निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक एक्सिस बैंक ने अपने मर्चेंट एक्वायरिंग बिजनेस का विस्तार करने के उद्देश्य से एक रणनीतिक कदम उठाते हुए व्यापारियों के लिए भारत की अग्रणी फिनटेक कंपनी भारतपे के साथ भागीदारी की है। इस रणनीतिक गठबंधन के माध्यम से एक्सिस बैंक भारतपे के पीओएस (भारत स्वाइप) व्यवसाय के लिए अधिग्रहण करने वाला बैंक होगा और भारत स्वाइप का उपयोग करके भारतपे के व्यापारियों के लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान की स्वीकृति को और मजबूत बनाएगा।

इस साझेदारी से एक्सिस बैंक द्वारा पेश किए जाने वाले सर्वश्रेष्ठ- टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म का लाभ उठाकर भारतपे को अपने मर्चेंट अनुभव को बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। व्यापारी अब कई अन्य सुविधाओं के साथ-साथ तेज़ भुगतान प्रसंस्करण, अधिक सुरक्षित और सरलीकृत प्लेटफ़ॉर्म का आनंद ले सकेंगे।

एक्सिस बैंक भारत में भुगतान स्वीकार करने वाले कारोबार में तीसरा सबसे बड़ा पीओएस एक्वायरिंग बैंक है। पूरे भारत में मेट्रो, शहरी, ग्रामीण और यहां तक कि बाड़मेर, रतलाम, कोरबा आदि जैसे दूरदराज में फैले 6,52,026 से अधिक पीओएस टर्मिनलों के स्थापित आधार के साथ, एक्सिस बैंक वर्तमान में छोटे और बड़े व्यापारियों को अपनी सेवाएं देते हुए प्रति माह लगभग 19,000 करोड़ रुपये का लेन-देन भी करता है। बेहतर तकनीकी क्षमताओं के साथ, तेज और सुरक्षित भुगतान प्रोसेसिंग के लिए एक्सिस बैंक अपने सभी भागीदारों और ग्राहकों को कई भुगतान मोड के माध्यम से भुगतान स्वीकार करने के साथ इसका लाभ उठाने की सुविधा भी देता है।

भारतपे ने पिछले साल भारत की पहली जीरो रेंटल और जीरो एमडीआर पीओएस मशीन के रूप में अपनी पीओएस मशीन, भारत स्वाइप को लॉन्च किया था। छोटे व्यापारियों और किराना स्टोर मालिकों की तरफ से इसे जबरदस्त रेस्पॉन्स मिला। भारत स्वाइप व्यवसाय ना सिर्फ तेजी से बढ़ा है, बल्कि अब कंपनी के समग्र भुगतान ट्रांजेक्शन प्रोसेस्ड वैल्यू (टीपीवी) में 20 प्रतिशत का योगदान भी दे रहा है।

भारतपे के पास देश के 16 शहरों में 1 लाख से अधिक पीओएस मशीनों का स्थापित आधार है और यह हर महीने 1400 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन की सुविधा प्रदान करता है। भारतपे ने वित्त वर्ष 2021 के अंत में ना सिर्फ पीओएस टर्मिनलों पर 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के वार्षिक लेनदेन का आंकड़ा पार किया बल्कि वित्त वर्ष 2022 के अंत तक वार्षिक टीपीवी में 6 बिलियन यूएस डॉलर का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।

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