रायपुर – भारत में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंकों में से एक एक्सिस बैंक ने आज अपने सीबीडीसी ऐप (एक्सिस मोबाइल डिजिटल रुपी) पर यूपीआई इंटरऑपरेबिलिटी को शुरू करने की घोषणा की। यह भारतीय रिजर्व बैंक की चल रही सीबीडीसी (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) पहल का एक हिस्सा है।
इस सुविधा की शुरुआत के साथ, ग्राहक व्यापारियों के मौजूदा यूपीआई क्यूआर कोड को भुगतान करने के लिए डिजिटल रुपए का निर्बाध रूप से उपयोग कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, यह क्षमता व्यापारियों को उनके मौजूदा क्यूआर कोड पर डिजिटल रुपी भुगतान स्वीकार करने में मदद करेगी, जिससे बोर्डिंग पर अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी।
इस घोषणा पर टिप्पणी करते हुए एक्सिस बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव आनंद ने कहा, ‘‘इनोवेटिव और उपयोगी तकनीकी प्रगति को अपनाने में एक्सिस बैंक हमेशा अग्रणी रहा है। इसी सिलसिले में आगे बढ़ते हुए एक्सिस बैंक ऐसे समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध है जो डिजिटल इंडिया के विजन को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। डिजिटल रुपी और यूपीआई इंटरऑपरेबिलिटी की इस अभूतपूर्व सुविधा की शुरूआत, देश भर में डिजिटल रुपी को व्यापक रूप से अपनाने के लिए तैयार है। डिजिटल रुपी की सुरक्षा और गति, यूपीआई की व्यापक पहुंच और इसका यूजर फ्रेंडली होना दरअसल ग्राहकों और व्यापारियों दोनों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।’’
‘एक्सिस मोबाइल डिजिटल रूपी’ ऐप पर यूपीआई इंटरऑपरेबिलिटी की सुविधा अभी एंड्रॉइड उपयोगकर्ताओं के लिए शुरू की गई है। धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से इसे सभी डिजिटल रूपी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा 26 पायलट शहरों में व्हाइटलिस्टेड यूजर के लिए उपलब्ध रहेगी।
सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) ‘डिजिटल रुपी’ भारतीय रिजर्व बैंक की एक पहल है। डिजिटल रुपी दरअसल सेंट्रल बैंक द्वारा डिजिटल रूप में जारी एक लीगल टेंडर है। डिजिटल रुपी (ई₹) डिजिटल मोड में एटॉमिसिटी (यानी लेनदेन का तत्काल निपटान) सुविधा के साथ विश्वास, सुरक्षा और सैटलमेंट फाइनलिटी जैसी फिलिकल कैश की सुविधाएँ प्रदान करता है।