एक्सिस बैंक ने एलजीबीटीक्यूआईए+ उपभोक्ताओं के वित्तीय परितंत्र उजागर करने के लिए पेश की ‘पिंक कैपिटल: द स्पेक्ट्रम ऑफ क्वीर मनी’

रायपुर: भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में से एक, एक्सिस बैंक ने आज ‘पिंक कैपिटल: द स्पेक्ट्रम ऑफ क्वीर मनी’ रिपोर्ट पेश की। यह एक गुणात्मक रिपोर्ट है जो भारत के एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय के वित्तीय जीवन का पड़ताल करती है।

रिपोर्ट के मुताबिक समलैंगिक (क्वीयर) उपभोक्ता ज़रूरी चीज़ों पर खर्च को प्राथमिकता देते हैं। ये उपभोक्ता सबसे अधिक महत्त्व प्रणालीगत पहुंच एवं समानता (34.2%), इसके बाद स्वास्थ्य सेवा एवं सुरक्षा (20%), वित्तीय सुरक्षा एवं भविष्य की स्थिरता (18.6%), भावनात्मक तथा सामाजिक मान्यता (17.3%), और जीवनशैली तथा संस्कृति (10%) को देते हैं। ये खर्च करने के तरीके एक ऐसे समुदाय को दर्शाते हैं जो अस्तित्व, सम्मान और दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता देता है। उल्लेखनीय है कि मानसिक स्वास्थ्य सेवा और वृद्धों की देखभाल प्रमुख क्षेत्रों के रूप में उभरे।

इसके अलावा अध्ययन में पाया गया कि समलैंगिक उपभोक्ता उन ब्रांडों की ओर तेज़ी से आकर्षित हो रहे हैं जो ठोस, समावेशी समाधान प्रदान करते हैं, जैसे संयुक्त खाते, पेंशन और स्वास्थ्य सेवा लाभ आदि। समावेशी ब्रांडिंग महत्वपूर्ण हैं, लेकिन रोज़मर्रा की प्रक्रिया में समावेश सबसे महत्वपूर्ण है जिससे स्थायी विश्वास बनता है।

वित्तीय सुरक्षा और भविष्य की स्थिरता के लिहाज़ से दो प्रमुख बिंदु उभरे। युवा बैंकों और शैक्षिक संस्थानों पर ज़ोर देते हैं, जिसके आधार पर छात्र ऋण, छात्रवृत्ति और समलैंगिक-केंद्रित बचत या सेवानिवृत्ति उत्पाद तैयार हो सकते हैं, वहीं बुजुर्गों ने सामुदायिक आवास मॉडल और समलैंगिक-समर्थक सेवानिवृत्ति गृह की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

एक्सिस बैंक के एक्ज़िक्युटिव डायरेक्टर, मुनीश शारदा ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में, एक्सिस बैंक ने ‘एमएक्स’ या ट्रांसजेंडर व्यक्तियों द्वारा खोले गए हज़ारों खातों को सेवा प्रदान की है – जो बढ़ते विश्वास, समुदाय के साथ गहन जुड़ाव और विशिष्ट व तेज़ी से सामने आने वाले ग्राहक वर्ग के उदय का प्रमाण है।”

एक्सिस बैंक इस प्रगति को आगे बढ़ाते हुए इस रिपोर्ट के ज़रिये एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय की आर्थिक वास्तविकताओं और आकांक्षाओं को उजागर कर समावेशी बैंकिंग को एक कदम आगे ले जा रहा है।

एक्सिस बैंक के ग्रुप एग्ज़िक्युटिव और प्रमुख – ह्यूमन रिसोर्स, राजकमल वेम्पति ने कहा, “पिंक कैपिटल को सामने लाकर, हम न केवल उचित पहल कर रहे हैं, बल्कि भारत में समावेशी वित्त के भविष्य का निर्माण भी कर रहे हैं।”

यह रिपोर्ट एक्सिस बैंक के व्यापक ईएसजी और डीईएंडआई एजेंडे का हिस्सा है, जिसे 2021 में #कमऐज़यूआर (ComeAsYouAre) चार्टर के लॉन्च के साथ और विस्तृत किया गया। इस चार्टर ने एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय के कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए समावेशी नीतियों और प्रथाओं की शुरुआत की, जैसे समान लिंग वाले साथियों के लिए संयुक्त बचत और टर्म डिपॉज़िट, साथ ही साथियों के लिए नामित करने की सुविधा और विभिन्न लिंग पहचान वाले ग्राहकों के लिए श्रीमान और सुश्री के बजाय सम्मानसूचक ‘एमएक्स ‘ का प्रयोग। बैंक गोपनीयता का सम्मान करते हुए समावेशी पहुंच की वकालत करता रहा है, जिसमें समान लिंग वाले साथियों का डेटा एकत्र न करना भी शामिल है।

एक्सिस बैंक के एसवीपी एंड हेड – डीईएंडआई, हरीश अय्यर ने कहा, “पिंक कैपिटल उन लोगों को संवाद के केंद्र में लाता लाता है जो लंबे समय से वित्तीय व्यवहार से बाहर रहे हैं।”

यह रिपोर्ट स्पर्श सप्ताह के दौरान जारी की गई, जो एक्सिस बैंक की संस्कृति और ग्राहकों के लिए एक प्रमुख उत्सव है। यह पहल बैंक की सेवा, समावेश और ग्राहकों को केंद्र में रखने के दृष्टिकोण के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।

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