बिलासपुर। सरकंडा क्षेत्र के मोपका में फर्जी दस्तावेज के सहारे जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। पीड़ित ने आइजी रतनलाल डांगी के जनदर्शन में इसकी शिकायत की है। इस पर आइजी ने सरकंडा पुलिस को जुर्म दर्ज करने का आदेश दिया है। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी है।
सरकंडा थाना प्रभारी परिवेश तिवारी ने बताया कि चांटापारा में रहने वाली माधुरी दिघ्रस्कर की मोपका में जमीन है। जमीन उनकी और बेटियों के नाम पर है। वर्ष 2019 में मनोहर राव दिघ्रस्कर के निधन के बाद से यह जमीन उनके नाम पर चली आ रही है। पीड़ितों ने अपनी शिकायत में बताया कि यह जमीन मनोहर राव से पहले उनके पिता पुस्र्षोत्तम राव दिघ्रस्कर के नाम पर थी।
28 मार्च को टिकरापारा में रहने वाले प्रशांत गुलहरे ने अपने साथियों राजू चंद्राकर, सुरेश मिश्रा ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर जमीन पर कब्जे का प्रयास किया। उन्होंने जिला पंजीयक कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर जमीन के फर्जी दस्तावेज निकलवाए। इसमें बताया गया कि जमीन को पुस्र्षोत्तम दिघ्रस्कर ने अपने जीवनकाल में ही घनश्याम गुलहरे को 26 मार्च 1962 में बेच दिया था।
इसके मूल दस्तावेज प्रशांत नहीं दिखा पाया। पीड़ित ने आइजी कार्यालय में इसकी शिकायत की। आइजी रतनलाल डांगी के निर्देश पर सरकंडा पुलिस ने जुर्म दर्ज कर लिया है। मध्य प्रदेश के लोग भी शिकायत लेकर पहुंचे बुधवार को आइजी रतनलाल डांगी के जनदर्शन में मध्य प्रदेश के बालाघाट जिला अंतर्गत लांझी थाना क्षेत्र के कारंजा निवासी पीड़ित भी पहुंचे।
पीड़ितों ने बताया कि उनकी कृषि भूमि पर लगी फसल को गांव के लोग काटकर ले गए हैं। आइजी ने शिकायत को बालाघाट आइजी के पास भेज दी है। इसके अलावा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और रायगढ़ जिले के लोग भी पहुंचे।