मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब से कुछ देर बाद अपनी सरकार का चौथा बजट पेश करेंगे। पिछले साल की तरह बजट एक लाख करोड़ से ज्यादा का होगा। बजट में मुख्यमंत्री कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना लागू करने की सौगात देंगे। ज्ञातव्य है, 2004 के बाद भर्ती सरकारी कर्मचारियों को पेंशन का लाभ समाप्त कर दिया गया था। पिछले महीने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुरानी पेंशन योजना की बहाल करने की घोषणा की तो पूरे देश में इसकी मांग तेज हो गई। खबर है, लोकसभा चुनाव से पहले भारत सरकार भी फिर से पेंशन योजना लागू करने की तैयारी कर रही है।
बहरहाल, छत्तीसगढ़ में 2004 के बाद दो लाख 96 हजार कर्मचारियों, अधिकारियों की भर्ती हुई है। इन सभी के लिए मुख्यमंत्री आज बड़ी सौगात का एलान करेंगे। खबर है, राज्य सरकार बस्तर के सहायक आरक्षकों की उस बरसों पुरानी माँग को पूरा करने जा रही है जिसमें उन्होने आरक्षक होने और समस्त पदोन्नति की माँग की है। राज्य में ना केवल विधायक निधि की राशि में बल्कि ज़िला पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष और सदस्य के मानदेय की राशि, जनपद पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष और सदस्यों के मानदेय की राशि, और सरपंचों और पंचों का भत्ता बढ़ाने का ऐलान कर सकती है।
प्रदेश के स्थानीय निवासी छात्रों के लिए भी राहत की ख़बर है,सूत्रों के अनुसार बजट में यह ऐलान है कि स्थानीय निवासियों याने छत्तीसगढ निवासी छात्रों को व्यापम और पीएससी की परीक्षा फ़ीस नहीं लगेगी। नगरीय निकायों के संपत्ति का ऑफ़सेट मूल्य कलेक्टर गाईडलाईन में निर्धारित दर से बीस फ़ीसदी से अधिक की कमी होने की संभावना है।भुमिहीन मज़दूरों को मिलने वाली 6 हज़ार वार्षिक की जगह राशि बढ़ने का ऐलान हो सकता है।
प्रदेश के सभी ज़िलों में हिंदी माध्यम के आत्मानंद विद्यालय प्रारंभ किए जा सकते हैं।स्वामी आत्मानंद स्कुल अब तक अंग्रेज़ी माध्यम की शिक्षा देते थे। कर्मचारियों की माँग पुरानी पेंशन योजना को राज्य सरकार आज के बजट में लागू करने का ऐलान कर सकती है।