श्रीनगर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) द्वारा धारा 370 पर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धारा 370 तो पिछले 75 वर्षों से घाटी में लागू थी, फिर क्यों शांति नहीं थी. यदि शांति और धारा 370 का कोई ताल्लुक है तो 1990 (कश्मीरी पंडितों का नरसंहार)में क्या धारा 370 लागू नहीं थी.
अमित शाह ने कहा कि हमारे विरुद्ध बातें होती थीं कि काफी समय तक कर्फ्यू लगा रहा और इंटरनेट ठप्प रहा. मगर मैं जम्मू-कश्मीर गया था और वहां के युवाओं से पूछा कि हम कर्फ्यू खोल देते तो कौन मरता? जवाब मिला हम मरते यानी युवा मरते. युवाओं ने मुझसे कहा कि सरकार ने कर्फ्यू लगाकर हमारी सुरक्षा की है. एक कार्यक्रम में शामिल हुए अमित शाह ने कहा कि, जम्मू कश्मीर में जिस तरह का विकास इस वक़्त हो रहा है, जिस प्रकार की कानून व्यवस्था वहां अब बनी है, इससे वहां पर्यटन भी बढ़ा है.
अमित शाह ने कहा कि जन कल्याण की योजनाओं का फायदा वहां की जनता तक पहुंचाने में जम्मू कश्मीर आज अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. बता दें कुछ दिन पहले उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि 370 के रद्द होने के बाद कहा गया अंबानी, टाटा और अडानी निवेश लाएंगे, जिससे रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, किन्तु कुछ नहीं हुआ. स्थानीय लोगों को परियोजनाओं से भी रोजगार नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा था कि 370 हटने के बाद घाटी में वापस आतंकवाद बढ़ रहा है.