पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार रात एक सख्त कानून लागू कर दिया जिसका मकसद प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकना है। इस कानून में दोषियों के लिए अधिकतम 10 वर्ष कारावास की सजा और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। देश में चल रहे नीट यूजी विवाद के बाद इस कानून को लागू किया गया है।
दरअसल देश में एंटी पेपर लीक कानून लागू कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है। यह कानून पेपर लीक रोकने के लिए बनाया गया है।
फरवरी में संसद से पास हुआ था बिल:
सार्वजनिक परीक्षा विधेयक, 2024 को लोकसभा ने छह फरवरी और राज्यसभा ने नौ फरवरी को पारित किया था। राष्ट्रपति मुर्मु ने 12 फरवरी को इसे मंजूरी दी थी। पेपरलीक पर केंद्र सरकार का नया कानून ‘लोक परीक्षा कानून 2024’ लागू हो गया है।