कॉर्पोरेट के साथ ही देश की संस्कृति को बखूबी सहेजे हुए है पीआर 24×7 भारत की विविधताओं को बटोरने की कला में है महारत हासिल

इंदौर : भारत विभिन्न संस्कृतियों वाला बहुभाषी देश है, जहाँ हर थोड़ी दूरी पर भाषाएँ और परम्पराएँ अपनी अलग सुगंध लिए हुए हैं, फिर भी भारत देश से ताल्लुक रखने के नाते सभी के मन एक-दूसरे से जुड़े हैं। इसे कायम रखने के साथ ही देश की अग्रणी पीआर एजेंसी, पीआर 24×7 अपने एम्प्लॉयीज़ को हर पल अपनत्व देते और देश की संस्कृति को एक धागे में पिरोते हुए इसमें मिठास भरने के लिए हमेशा से ही आगे रही है। रीजनल पीआर से ताल्लुक रखने की वजह से कंपनी देश के हर कोने की खुशबू से सराबोर है। यानी पीआर 24×7 सिर्फ कॉर्पोरेट तक ही सीमित नहीं है, यह देश की संस्कृति को भी अपने से जोड़े रखने का हुनर बखूबी रखता है। राम और अल्लाह एक ही हैं, ऐसा मानने वाली कंपनी धर्मों से परे, एक साथ हाथ पकड़कर आए रमज़ान और चैत्र नवरात्री साथ में मना रही है।

इस बात पर अपने विचार रखते हुए अतुल मलिकराम, फाउंडर, पीआर 24×7 कहते हैं, “धर्मों से परे त्यौहार, और तो और इनके नाम यानी रमज़ान में आने वाले राम और बजरंगबली में आने वाले अली भी भारत की संस्कृति को एक सूत्र में बाँधते हैं। भारत को एक धागे में पिरोने वाले विभिन्न राज्य और धर्म आखिरकार भारत के ही तो अंश हैं। जब राम और अली इस संयोग का ताना-बाना स्वयं बुनते हैं, तो हम इंसान कौन होते हैं धर्म और इसे आड़े लेकर त्यौहारों का बँटवारा करने वाले। वर्षों बाद वह दिन आया है, जब अनेकता में एकता की परिभाषा रचते हुए हिन्दू नववर्ष यानी चैत्र नवरात्रि और रमज़ान एक साथ आए हैं। ऐसा संयोग आगे पता नहीं कब देखने को मिले। नवरात्रि के पहले भक्तिमय दिन से लेकर चाँद रात तक रमज़ान के पाक दिनों की शुरुआत बड़ा ही खूबसूरत मेल है, जिसे हमारी टीम एक ही छत के नीचे साथ में मना रही है। यह मन को आनंद से भर देता है।”

अप्रैल माह में मनाए जा रहे त्यौहारों के बारे में बात करते हुए उज्जैन सिंह चौहान, वाइस प्रेसिडेंट- मीडिया मॉनिटरिंग, पीआर 24×7 कहते हैं, “अप्रैल का महीना अपने साथ त्यौहारों की सौगात लेकर आया है। हिन्दू नववर्ष- चैत्र नवरात्रि हो या तमिल नववर्ष उगादि, मराठियों का गुड़ी पड़वा हो या रमज़ान का पाक महीना, कश्मीर का नवरेह हो या सिंधियों का चेटीचंड; एक साथ आने वाले ये सभी त्यौहार अद्भुत हैं, जो भारत की सरज़मीं को संस्कृति की चादर से बड़ी ही खूबसूरती से ढँक देते हैं। इन सबके साथ-साथ कॉर्पोरेट क्षेत्र के वित्त वर्ष की भी नई शुरुआत है, जिसे पीआर 24×7 परिवार एक साथ मना रहा है और आगे भी मनाता रहेगा।”

सही भी है, कंपनी भले ही कितने ही बड़े ओहदे पर क्यों न पहुँच जाए, लेकिन जमीन से जुड़े होने के नाते उसके कर्तव्य अपने देश और समाज के प्रति प्रखर होते हैं। कंपनी विशेष का यह दायित्व बनता है कि विभिन्न धर्मों से ताल्लुक रखने वाले अपने एम्प्लॉयीज़ को एक डोर में मजबूती से बाँधे रखे। पीआर 24×7 ऐसी ही कंपनी है, जो सिर्फ इंडस्ट्रियल तौर पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक तौर पर भी अपनी गतिविधियों को सदैव जारी रखने के लिए तत्पर रहती है। बाँटने की बात से परे सौहार्द्र बनाए रखने की ललक लिए देश की सभी कंपनियों को इन त्यौहारों को एक साथ मनाने के साथ ही अनेकता में एकता का पाठ अपने एम्प्लॉयीज़ को पढ़ाना चाहिए।

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