महाराष्ट्र के बारामती के पास एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार का निजी विमान दुर्घटना में मौत हो गई है. लैंडिंग के दौरान विमान हादसा हुआ, जिसमें अजित पवार सहित विमान में सवार सभी लोगों की जान चली गई.
#WATCH | Crash landing in Baramati | Five people onboard the Mumbai-Baramati charter plane, including Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar, died as per initial information by the DGCA.
Visuals from the spot. pic.twitter.com/6MHqTi6gna
— ANI (@ANI) January 28, 2026
सियासत के बेताज बादशाह कहे जाने वाले अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की उंगली पकड़कर राजनीति में कदम रखा. वो अपनी राजनीतिक कौशल के जरिए पार्टी को महाराष्ट्र में मजबूत बनाया. पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एनसीपी को एक बड़ा जनाधार तैयार करने में अहम रोल अदा किया, लेकिन 2022 में शरद पवार से अलग अपनी राजनीतिक लकीर खींची और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई. Also Read – कानपुर और कासगंज में पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश गिरफ्तार
22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवरा में अपने दादा के घर जन्मे अजित पवार, शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवरा के बेटे हैं. उनके पिता फिल्म जगत से जुड़े हुए थे. अनंतराव ने मुंबई में मौजूद वी. शांताराम के राजकमल स्टूडियो में काम किया. अजित पवार की शादी सुनेत्रा पवार से हुई और उनके दो बच्चे हैं,
जिनका नाम पार्थ पवार और जय पवार है, महाराष्ट्र एजुकेशन सोसायटी हाई स्कूल बारामती से अजित पवार ने प्राथमिक शिक्षा हासिल की, हालांकि, जब वो कॉलेज में थे तो उनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी. इसके बाद सियासत में कदम रखा.
अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की उंगली पकड़कर साल 1982 में राजनीति में कदम रखा. अजित पवार प्राथमिक शिक्षा की पढ़ाई कर रहे थे, तो उस दौरान उनके चाचा यानी शरद पवार एक दिग्गज सियासी नेता बन चुके थे. राजनीति में कदम रखने के बाद सबसे पहले उन्होंने एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड के लिए चुने लड़ा. वो पुणे सहकारी बैंक के अध्यक्ष के रूप में चुने गए, वो16 सालों तक इस पद पर काबिज रहे.
साल 1991 में पहली बार बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुने गए, लेकिन बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए खाली कर दी. इसके बाद शरद पवार केंद्र में पीवी नरसिम्हा राव सरकार में रक्षा मंत्री बने. यहीं से शरद पवार केंद्र की राजनीति में खुद को सक्रिय कर लिया तो अजित पवार महाराष्ट्र की सियासत की कमान अपने हाथ में ले ली.