लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पारित हुआ कृषि कानून वापसी बिल, जानें अब अगला कदम क्या

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद तीनों कृषि कानूनों की वापसी पर आज संसद की मुहर भी लग गई. विपक्ष कृषि कानूनों की वापसी के विधेयक पर चर्चा की मांग पर अड़ा था, किन्तु सरकार चर्चा को तैयार नहीं थी. विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच कृषि कानूनों की वापसी का विधेयक लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो गया. अब राष्ट्रपति के मंजूरी मिलते ही तीनों कानून निरस्त हो जाएंगे.
विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा करने की मांग पर अड़ा था, किन्तु सूत्रों ने बताया कि सरकार इस पर चर्चा के लिए इसलिए तैयार नहीं हुई, क्योंकि उसका कहना था कि जब पीएम मोदी खुद माफी मांग चुके हैं, बिल वापसी का ऐलान कर चुके हैं, तो फिर किस बात की चर्चा. पीएम मोदी ने संसद सत्र से पहले कहा कि संसद का ये सत्र बेहद महत्वपूर्ण है. देश आजादी के अमृत महोत्सव मना रहा है. देश में चारों दिशाओं में से इस आजादी के अमृत महोत्सव के निमित्त रचनात्मक, सकारात्मक, जनहित के लिए, राष्ट्रहित के लिए, अनेक कार्यक्रम किए जा रहे हैं, कदम उठाए जा रहे हैं और आजादी के दीवानों ने जो सपने देखे थे, उन सपनों को पूरा करने के लिए सामान्य नागरिक भी इस देश का कोई न कोई दायित्व निभाने की कोशिश कर रहा है. ये खबरें अपने आप में हिंदुस्तान के भविष्य के लिए शुभ संकेत है.
पीएम मोदी ने कहा कि बीते दिनों संविधान दिवस भी नए संकल्प के साथ संविधान की स्पिरिट को चरितार्थ करने के लिए दायित्व को लेकर पूरे देश ने एक संकल्प किया है. इन सबके परिपेक्ष्य में हम चाहेंगे और देश भी चाहेगा कि भारत की संसद का ये सत्र और आगे आने वाले भी सत्र आजादी के दीवानों की जो भावनाएं थीं, आजादी के अमृत महोत्सव का जो भाव है, उसके अनुकूल संसद में भी चर्चाएं हों, देश की उन्नति के लिए रास्ते तलाशे जाएं और उसके लिए ये सत्र बहुत ही विचारों की समृद्धि वाला, दूरगामी प्रभाव पैदा करने वाले सकारात्मक फैसले लेने वाला बने.

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