तिल्दा नेवरा नगर में इस वर्ष नवरात्रि पर्व को मनाया जा रहा है बड़े धूमधाम से लगातार 2 वर्षों से कोरोना महामारी के चलते नगर और आसपास के अंचलों में माता रानी की सेवा पूरे विधि विधान से नहीं हो पाया था जिसके चलते इस वर्ष श्रद्धालु गण विशेष रुप से माता रानी का सेवा और जस गीत मंदिरों में गूंज रहा है वही नगर के सुप्रसिद्ध महामाया मंदिर में हजारों की संख्या में लगातार माता के भक्त पहुंच रहे हैं महामाया मंदिर नेवरा में प्रतिदिन सुबह शाम 7:30 में माता का आरती किया जाता है इसमें काफी भीड़ देखने को मिल रहा है वही नगर के शीतला मंदिर नेवरा मावली मंदिर पुरानी बस्ती तिल्दा मां शीतला मंदिर सासाहोली और तिल्दा के समीप मां बगदई मंदिर यह सभी नगर के सुप्रसिद्ध मंदिर है जहां पर नगर के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है और सभी इस मंदिर में आकर अपनी मनौती मांगते हैं वही सभी मंदिरों के संगठन के द्वारा इस वर्ष मंदिरों को पूरे रंग बिरंगी लाइटों से सजाया हुआ है

सभी मंदिरों में जोत भी भारी संख्या में जलाया गया है वही नेवरा महामाई मंदिर में मंदिर के पंडा ने बताया कि इस वर्ष माता के नवनिर्माण मंदिर की कार्य प्रगति पर है जो भी श्रद्धालु नगर की माता महामाया माता के मंदिर में अपना राशि दान करने के इच्छुक हैं वह मंदिर परिसर पहुंच करके मंदिर से रसीद प्राप्त कर सकते हैं और नगर के विभिन्न नगर में भी माता रानी का जस जवारा का स्थापना किया गया है हर गली में माता रानी के जयकारा और मधुर गीत सुनने को मिल रहा है वही तिल्दा समीप मां भगवती मंदिर में लोग बड़े आस्था के साथ वहां पहुंचकर मां के दर्शन कर रहे हैं पुराने लोग बताते हैं कि मां रास्ते पर ही लोगों की रक्षा करने के लिए विराजमान हैं और वहां पर मंदिर में माता रानी के समर्पण में रास्ते पर पड़े हुए पत्थरों को चढ़ाया जाता है और रास्ते की फुल पत्ते से ही माता रानी प्रसन्न हो जाती है इस प्रकार से बड़े बुजुर्गों का कहना है और आज वहां पर देखते ही देखते भव्य मंदिर का निर्माण हो चुका है