रायपुर। राजधानी रायपुर से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां बच्चों के खिलौने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया। इस विवाद में एक गर्भवती महिला समेत दंपती की जमकर पिटाई कर दी गई। घटना सरस्वती नगर थाना क्षेत्र की है। फिलहाल पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित राजू खांडेकर अपनी पत्नी और डेढ़ साल की बच्ची के साथ जितेंद्र वर्मा के मकान में किराए से रहता है। 29 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे उनका परिवार रोज़ की तरह घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान उनकी छोटी बेटी खेलते-खेलते पड़ोसी शत्रुघन गुप्ता के रिमोट वाले खिलौने पर चढ़ गई।
मामूली बात पर भड़के पड़ोसी
बताया गया है कि इस छोटी-सी बात को लेकर शत्रुघन गुप्ता आग-बबूला हो गया और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। थोड़ी ही देर में शत्रुघन गुप्ता के साथ लक्ष्मण गुप्ता, सुरेश गुप्ता और सीता गुप्ता भी वहां पहुंच गए। इन चारों ने मिलकर पहले राजू खांडेकर से हाथापाई की और फिर प्लास्टिक पाइप और मुक्कों से बेरहमी से हमला कर दिया। जब राजू की पत्नी बीच-बचाव करने आई, तो उसे भी निर्दयता से पीटा गया। पीड़िता इस समय पांच महीने की गर्भवती है। परिजनों का कहना है कि हमले के दौरान महिला को सिर, चेहरा, गला और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस में दर्ज हुई रिपोर्ट घटना के बाद पीड़ित दंपती ने सरस्वती नगर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर चारों आरोपियों—शत्रुघन गुप्ता, लक्ष्मण गुप्ता, सुरेश गुप्ता और सीता गुप्ता—के खिलाफ धारा 294, 323, 506, 34 के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मारपीट की वजह बच्चों के खिलौने से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी और पीड़ित पहले से एक-दूसरे को जानते थे और कुछ समय से उनके बीच अनबन चल रही थी। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है। फिलहाल सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनकी तलाश के लिए टीम गठित कर दी है।
गर्भवती महिला से मारपीट पर बढ़ा आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में रोष फैल गया है। लोगों का कहना है कि एक गर्भवती महिला पर इस तरह का हमला अमानवीय है और पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। स्थानीय महिलाओं ने भी इस मामले में महिला आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अगर आरोपी जल्द गिरफ्तार नहीं किए गए, तो वे थाने के बाहर प्रदर्शन करेंगी। परिवार में दहशत, मकान छोड़ने पर विचार
पीड़ित परिवार का कहना है कि मारपीट के बाद से वे बेहद दहशत में हैं। राजू खांडेकर ने बताया कि घटना के बाद आरोपी पक्ष ने उन्हें दोबारा धमकाने की कोशिश भी की। अब परिवार मकान खाली करने और किसी अन्य जगह किराए से रहने पर विचार कर रहा है। राजू ने कहा, “हमारे छोटे बच्चे की गलती नहीं थी। वह तो खेलते-खेलते खिलौने पर चढ़ गई थी, पर उन्होंने हमें बुरी तरह पीट दिया। मेरी पत्नी गर्भवती है, फिर भी उन्हें कोई रहम नहीं आया।” पुलिस सख्ती की तैयारी में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस घटना को गंभीर अपराध की श्रेणी में लिया गया है, क्योंकि पीड़िता गर्भवती है।
मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। सरस्वती नगर पुलिस का कहना है कि आरोपियों के ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। यह घटना राजधानी में बढ़ रहे पड़ोसी विवाद और घरेलू हिंसा के मामलों की एक और मिसाल है। मामूली बात पर हुई यह हिंसक वारदात न केवल समाज की संवेदनहीनता दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि व्यक्तिगत विवाद किस तरह अपराध का रूप ले रहे हैं।