शताब्‍दी समारोह में बोले राष्‍ट्रपति रामनाथ काेविंद. आज इतिहास रच रहा बिहार, यह लोकतंत्र का उत्‍सव

बिहार विधानसभा के सौ साल पूरे होने पर गुरुवार को शताब्‍दी समारोह मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद हैं। वे विधानसभा भवन में सुबह 10:50 बजे पहुंचे। तय कार्यक्रम के अनुसार राष्‍ट्रपति कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद 11:38 बजे संबोधित करें। समारोह में शामिल होने के लिए राष्‍ट्रपति बुधवार को पटना पहुंचे। राष्ट्रपति बनने के बाद यह बिहार का उनका दूसरा दौरा है। शुक्रवार की सुबह 11:05 बजे दिल्ली वापसी तक वे करीब 46 घंटे पटना में रहेंगे।
11:50 AM- राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संबोधन में कहा- बिहार आता हूं तो अच्‍छा लगता है। बिहार से अलग नाता लगता है। बिहार हमेशा इतिहास रचता है। आज भी इतिहास रचा गया है। आज देश ने भी इतिहास रचा है। देश ने सौ करोड़ कोरोना वैक्‍सीनेशन पूरा किया है।
11:46 AM- राज्‍यपाल ने कहा कि शताब्‍दी समारोह में राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद की उपस्थिति पर हर्ष व्‍य‍क्‍त किया। उन्‍होंने बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग होने के बाद बिहार विधानसभा के इतिहास पर प्रकाश डाला। राज्‍यपाल फागू चौहान ने कहा कि बिहार विधानसभा बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग होने से पहले बिहार-ओडिशा विधान परिषद भवन था। विधानसभा ने इतिहास के कई दौर देखे हैं। तब लॉर्ड सत्‍येंद्र प्रसन्‍न सिन्‍हा ने गवर्नर के रूप में संबोधन किया था।
11:45 AM- बिहार के राज्‍यपाल फागू चौहान संबोधन पूर्व राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद का अभिनंदन किया।
11:40 AM- सीएम नीतीश कुमार ने सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे बुद्ध स्‍मृति पार्क के विपशना केंद्र में जाएं। इच्‍छुक अधिकारियों और कर्मियों को इसके लिए 15 दिन की छुट्टी प्रदान की जाएगी।
11:35 AM- सीएम नीतीश कुमार ने इतिहास के पन्‍नों को उलटते हुए कहा कि 1952 की पहली विधानसभा में 331 सदस्‍य थे। स्‍मारिका में आजादी की लड़ाई से लेकर अब तक विधानसभा की सारी जानकारी नई पीढ़ी के लिए उपलब्‍ध है। शताब्‍दी वर्ष पर बोधि वृक्ष भी लगाया गया। उन्‍होंने बुद्ध स्‍मृति पार्क में लगे वृक्ष के बारे में भी जानकारी दी। तीन जुलाई 2018 से बुद्ध स्‍मृति पार्क में विपशना केंद्र का संचालन किया जा रहा है।
11:28 AM- मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद करीब दो साल तक बिहार के राज्‍यपाल रहे। इसके बाद वे राष्‍ट्रपति हुए। इस लिए हम लोग आज भी उन्‍हें बिहारी ही मानते हैं। इनसे पहले जाकिर हुसैन बिहार के राज्‍यपाल से राष्‍ट्रपति बने थे। लेकिन, यहां से जाने के बाद पहले वे उप राष्‍ट्रपति बने, उसके बाद राष्‍ट्रपति हुए।
11:26 AM- समारोह को संबांधित करते हुए मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्‍ट्रपति का स्‍वागत किया।
11:18 AM- विधानसभा अध्‍यक्ष विजय चौधरी ने राष्‍ट्रपति का स्‍वागत किया। स्वागत भाषण में उन्‍हाेंने विधासभा भवन को सौ वर्षों की विधायी यात्रा का प्रतीक बताया। कहा कि यह कई ऐतिहासिक निर्णयों के साक्षी रहा है। हमें जाति-धर्म और लिंग भेद को भुलाकर अपनी विरासत को आगे बढ़ाना है।
11:12 AM- राज्यपाल ने किया विधानसभा द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन। राष्ट्रपति को सौंपी प्रति। स्मारिका में विधानसभा के 100 वर्षों के सफर की दास्तान है।
11:03 AM- राष्‍ट्रपति रामनाथ काेविंद बिहार विधानसभा भवन शताब्‍दी समारोह के मंच पर पहुंचे। वहां राज्‍यपाल फागू चौहान, विधानसभा अध्‍यक्ष विजय सिन्‍हा तथा मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद हैं। मंच पर दोनों डिप्टी सीएम भी हैं।
11:03 AM- राष्‍ट्रपति रामनाथ काेविंद ने बिहार विधानसभा भवन परिसर में शताब्‍दी स्‍मृति स्‍तंभ का शिलान्‍यास किया। उन्‍होंने पवित्र बोधिवृक्ष का पौधा भी लगाया। कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में वे सदन में विमर्श ही संसदीय प्रणाली का मूल है विषय पर विचार व्‍यक्‍त करेंगे।
10:53 AM- राष्‍ट्रपति रामनाथ काेविंद बिहार विधानसभा भवन पहुंचे। वहां उनका स्‍वागत विधानसभा अध्‍यक्ष विजय चौधरी व मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। राष्‍ट्रपति के आगमन के साथ अब कार्यक्रम आरंभ हो जाएगा।

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