सक्ति – छत्तीसगढ़ शासन समय-समय पर प्रत्येक जिलों में अवैध रूप से हो रहे खनिज उत्खनन को लेकर जहां प्रशासनिक अधिकारियों एवं माईनिंग अधिकारियों को दिशा निर्देश जरूर देती है, किंतु अक्सर यह देखा जाता है कि जिलों में माइनिंग विभाग अवैध उत्खनन कारियो से एक मोटी रकम वसूल कर इन्हें मौन स्वीकृति प्रदान करते हैं, एवं खुलेआम पत्थरों का अवैध उत्खनन होता है, जिससे जहां शासन को भी राजस्व नुकसान हो रहा है, तो वहीं इन अवैध उत्खनन कारियो के हौसले भी बुलंद हैं, कुछ यही हाल शक्ति जिले के जैजैपुर एवं बाराद्वार इलाके में देखा जा रहा है, जहां विगत कई दशकों से निरंतर भारी मात्रा में पत्थरों का अवैध उत्खनन कार्य धड़ले से जारी है, तथा बाराद्वार,जैजैपुर से लगे हुए काफी बड़े क्षेत्र में जहां पत्थर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, तो यहां के पत्थरों की क्वालिटी भी अच्छी बताई जाती है

किंतु दुर्भाग्य यह है की शक्ति जिले की कलेक्टर आईएएस नूपुर राशि पन्ना प्रत्येक सप्ताह होने वाली समय सीमा की बैठकों में माईनिंग अधिकारियों को ऐसे अवैध उत्खनन पर कार्रवाई करने की बात कहती है, किंतु माइनिंग अधिकारी सिर्फ कागजों पर औपचारिकता ही पूरी करते हैं तथा कभी कभार छोटे-मोटे प्रकरण बनाकर ऐसे अवैध खनन कार्यों से प्रतिमाह एक मोटी रकम वसूल करते हैं, जिससे शासन को लंबा राजस्व नुकसान हो रहा है, तथा लोगों का कहना है की जैजैपुर क्षेत्र के अकलसरा सहित अनेकों स्थानों पर ऐसा अवैध उत्खनन जोरों से चल रहा है,तथा ऐसे अवैध उत्खनन कार्यों पर भी माइनिंग विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए