बैंक के कुचक्र में फंसकर डिफाल्टर हो रहे हैं हितग्राही लोन लेना पड़ रहा महंगा

बैकुंठपुर- कोरिया जिले में शासन की योजनाओं के तहत मिलने वाला सब्सिडी वाला लोन लोगों के लिए गले का फांस बन गया है। बैंक लोन देने के बाद पूरी राशि पर ब्याज लगा रहा है जबकि हितग्राहियों का कहना है सब्सिडी की राशि हटा कर बैंक का ब्याज आज भी देने को तैयार है लेकिन बैंक प्रबंधन लोगों की समस्या हल करने के बजाय न्यायालय में मामला ले जाकर मानसिक रूप से परेशान कर रहा है।

क्या है सब्सिडी वाला लोन

केंद्र व राज्य शासन के द्वारा लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए योजनाओं के तहत लोन प्रदान किया जाता है जिसमें अधिकतम 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है जिसे पटाने की अवधि न्यूनतम 3 वर्ष व अधिकतम 5 से 7 वर्ष की होती है जिसमें हितग्राहियों को सब्सिडी की राशि पर ब्याज नहीं देना होता है लेकिन कोरिया जिले में भारतीय स्टेट बैंक शाखा बैकुंठपुर इस नियम से उल्टा चल रहा है।

भारतीय स्टेट बैंक की शाखा बैकुंठपुर से प्रताड़ित है अधिकांश हितग्राही

कोरिया जिले का भारतीय स्टेट बैंक सब्सिडी वाला लोन लेने वाले हितग्राहियों को आर्थिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है बैंक प्रबंधन द्वारा पूरी राशि पर ब्याज लगाकर जबरदस्ती वसूली की जाती है। बैंक का पैसा नहीं पटाने पर लोगों का सिविल खराब किया जा रहा है और इसके बाद लोक अदालत में मामला दाखिल कर न्यायालय का भय दिखाया जाता है।

लोक अदालत में भी अधिकारी कर जाते हैं खेल

लोन पटाने का मानसिक रूप से दबाव बनाने के लिए बैंक प्रबंधन द्वारा पहले तो नोटिस दिया जाता है और जब वही हितग्राही मामला लेकर लोक अदालत के न्यायालय जाता है तो अधिकारी अपनी गलती छुपाने के लिए यह बोलकर भेज देते हैं कि आप बैंक आ जाइएगा वहां आपके मामले का निराकरण कर देंगे हितग्राही यह नहीं समझ पाता कि यहां बैंक वाले उसे गुमराह कर रहे हैं क्योंकि बैंक वालो को पता है कि मामला जब न्यायालय में माननीय न्यायाधीश के सामने जाएगा तो उल्टा उन्हें फटकार मिलेगी।

इस संबंध में भारतीय स्टेट बैंक बैकुंठपुर शाखा के ब्रांच मैनेजर टी हरीश कुमार से जानकारी चाहिए गई तो उनके द्वारा बताया गया कि हमारे यहां से सब्सिडी आने पर सिस्टम में ऑटोमेटिक अपडेट हो जाता है फिर भी अगर ऐसे कोई पीड़ित है तो उन्हें हमारे पास भेजिए अगर ज्यादा पैसा उनके द्वारा पटा दिया गया है तो वह वापस कराया जाएगा।

एल डी एम प्रकाश कुमार से जानकारी लेने पर उनके द्वारा मैसेज पर “व्हाट्सएप पूछा गया??? ” मैसेज में जानकारी देने के बाद भी उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया।

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