ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने गोदावरी स्पंज एवं पॉवर प्लांट के जनसुनवाई का किया घोर विरोध

तिल्दा नेवरा ग्राम पंचायत सरोरा में गोदावरी पावर एवं इस्पात की जनसुनवाई रखी गई थी जिसका ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया वही कंपनी के द्वारा बाहरी लोगों का लाया जाना बता रहे हैं अधिकतर कुर्सी खाली पाई गई ग्रामीणों का आरोप था कि हमारे ग्राम पंचायत से बिना एनओसी लिए ग्राम पंचायत में अति प्रदूषण युक्त कारखाना लगाने की तैयारी की जा रही है जनसुनवाई में लोगों ने मौन रहकर अपना विरोध दर्ज कराया इसका मुख्य कारण है कि एक बार और हुई जनसुनवाई में कंपनी प्रबंधन के द्वारा झूठे आरोप में ग्रामीण लोगों को जेल की हवा खिलाई थी इसलिए लोगों ने मौन रहकर अपना विरोध दर्ज करवाई है वही ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच के द्वारा हमें भ्रमित कर दिया गया हमें बोलने का मौका नहीं दिया गया जहां कंपनी प्रबंधन ने अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से पहले ही गांव में डेढ़ करोड़ रुपए का विकास कार्य करवा चुकी है जिससे साफ जाहिर होता है कि कंपनी के द्वारा पूर्व से ही कु रचना करके लोगों को भ्रमित किया गया और ग्राम विकास का छलावा किया गया जिसमें सिर्फ जनप्रतिनिधि का ही भला हुआ। सरोरा गांव के निवासियों का कहना है कि कुछ भी हो जाए हम जंगल को नहीं काटने देंगे जंगल से हमारे पुरखों की याद जुड़ी हुई है हमने अपना पूरा बचपन यहीं पर बिताया है और यह हमारे लिए बहुत यादगार है इसलिए हम जंगल को नहीं काटने देंगे औरअगर जंगल कटता है तो यहां रह रहे जंगली जानवरों का क्या होगा जंगल के काटने का एक तरफ तो ग्राम पंचायत के सरपंच का विरोध देखने को मिला लेकिन ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कहीं ना कहीं कुछ तो दाल में काला है आसपास के सरपंचों को कंपनी प्रबंधन के द्वारा कोई पूछ परख नहीं की गई है जबकि कंपनी लगने के पूर्व आसपास के ग्राम पंचायत को सूचित किया जाता है कि अमुक तारीख को जनसुनवाई है आप सब आए लेकिन कंपनी प्रबंधन के द्वारा ऐसा नहीं किया गया जो की साफ-साफ कंपनी की लापरवाही नजर आती है जनसुनवाई में आए हुए जनप्रतिनिधियों में से किसान नेता राजू शर्मा का कहना है कि जंगल से लगा हुआ शासकीय बकरा पालन केंद्र है जो कि छत्तीसगढ़ का एकमात्र बकरा पालन केंद्र है अगर कंपनी आती है तो इन बकरों का प्रदूषण के कारण वंश वृद्धि नहीं हो पाएगी और आसपास के किसानों के जमीन भी बंजर होने लगेगी इस कारण यह उद्योग नहीं लगना चाहिए । अनुसूचित जाति के अध्यक्ष चंद्र कुमार पाटिल का कहना है कि सरकार पिछली दरवाजे से कंपनी बनाने की परमिशन दे रही है यह अनुचित है कंपनी पहले यह प्रलोभन देती है कि आसपास के लोगों को रोजगार दिया जाएगा लेकिन जैसे ही कंपनी का निर्माण होता है आसपास के लोगों को रोजगार नहीं दिया जाता बाहरी लोगों को ही रोजगार प्रदान की जाती है छत्तीसगढ़ के लोगों को सिर्फ और सिर्फ ठगा जाता है वहीं कांग्रेस के नेताओं का भी कहना है कि या कंपनी हम नहीं लगने देंगे जब हमारी सरकार थी तो इसकी जनसुनवाई नहीं हुई जैसे ही सरकार बदली तो भाजपा के सरकार आते ही नियम का उल्लंघन करते हुए जनसुनवाई कराकर छत्तीसगढ़ की जनता एवं क्षेत्र वासियों को ठगने का कार्य किया जा रहा है कांग्रेस पार्टी इस जनसुनवाई का विरोध करती है वहीं कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष देवादास टंडन का कहना है कि इस अति प्रदूषण उद्योग के आने से 700 एकड़ में फैला हुआ जंगल कट जाएगा आसपास के क्षेत्र में जिससे वर्षा की भी कमी होगी अभी वर्तमान में तीन बड़े-बड़े उद्योग जंगल के आसपास लगे हुए हैं जिसका पूरा प्रदूषण जंगल अवशोषित कर लेता है जिस कारण आसपास के क्षेत्र में अधिक प्रदूषण नहीं फैल पा रहा है अगर जंगल कट जाएगा तो 10 किलोमीटर की दायरे में इतना प्रदूषण फैलेगा की लोगों को सांस लेने में दिक्कत होगी वही जब ग्रामीणों के द्वारा कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी को विरोध दर्ज करने का आवेदन दिया गया तो आवेदन नहीं लिया गया। तब ग्रामीणों के द्वारा आवेदन को जिला कलेक्टर के पास डाक सेवा के माध्यम से भेजा गया

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