आई फ्लू का प्रकोप के बीच लगातार हो रही बारिश की वजह से फिर से डायरिया के मामले सामने आ सकते है। वही बुधवार को भी आई फ्लू के 500 से ज्यादा मरीजों की पहचान की गई है।सीएमएचओ डा़ राजेश शुक्ला का कहना है कि आई फ्लू के गंभीर परिणाम तो सामने नहीं आ रहे है,
लेकिन इसको लेकर सावधानी बरतना जरुरी हो गया है, क्योंकि इनफेक्शन कई बार कार्निया तक पहुंच जाता है, ऐसे में धुंधला दिखाई देना लगता है, यदि ऐसा किसी मरीज के साथ हो तो वे तत्काल अस्पताल पहुंचे, ताकि स्थिति को बिगड़ने से बचाया जा सके।
उनका यह भी कहना है आई फ्लू के लगभग मामलों में गंभीर परिणाम सामने नहीं आते है, लेकिन इसे ठीक होने में चार से पांच दिन तक का समय लग जा रहा है, इसलिए सावधानी बरतना जरुरी हो गया है। सीएमएचओ डा़ शुक्ला का यह भी कहना है कि आई फ्लू के साथ ही डायरिया फैलने की आशंका बनी हुई है।
लगातार बारिश होने से इसके मामले एक बार फिर से सामने आ सकते है, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम को अलर्ट कर दिया गया है और सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे के दौरान आई फ्लू के साथ ही डायरिया के मरीज खोजे जा रहे है, ताकि समय पर इसे नियंत्रित किया जा सके।