प्रदेश के अतिथि व्याख्याता 3 सूत्रीय मांग को लेकर विभागीय मंत्री से किए मुलाकात

शिवरीनारायण – प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि व्याख्याता अपने 3 सूत्रीय मांग – 1. नई भर्ती /स्थानांतरण से छटनी किए गए अतिथि व्याख्याताओं की पुनः नियुक्ति।
2. मासिक वेतन के साथ 12 माह की पूर्णकालीन सेवा। 3. सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की आयु तक स्थाई नौकरी की मांग को लेकर सोमवार को राजभवन, विभागीय मंत्री, पूर्व राज्यसभा सांसद एवं संगठन के अन्य पदाधिकारियों से मुलाकात किए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के शासकीय महाविद्यालय में विभिन्न विषयों के सहायक प्राध्यापक एवं प्राध्यापक के विरुद्ध शासन द्वारा अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति किया जाता है और उन्हें प्रति कार्य दिवस कालखंड ₹300 के हिसाब से अधिकतम चार कालखंड 1200 रुपए मानदेय भुगतान किया जाता है। अतिथि व्याख्याता को अवकाश की पात्रता नहीं एवं महिला अतिथि व्याख्याता को मातृत्व अवकाश भी नहीं मिलता और शासकीय अवकाश पर भी उन्हें मानदेय भुगतान नहीं दिया जाता इसलिए मासिक औसत वेतन 25000 से ज्यादा नहीं है।
अतिथि व्याख्याताओं का कहना है कि छत्तीसगढ़ में 2011-12 के पूर्व संविदा व्यवस्था थी किंतु सत्र 2011-12 से कालखंड व्यवस्था लागू कर दिया गया तब से लेकर आज तक अतिथि व्याख्याता व्यवस्था में सुधार हेतु संघर्षरत हैं इन 12 वर्षों में राज्य में महंगाई काफी बढ़ गई है नियमित प्राध्यापक सातवें वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं और स्कूल में पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षक भी हमसे अच्छी व्यवस्था में है उच्च शिक्षा विभाग की गलत नीतियों के कारण ही हम लोग आर्थिक, मानसिक शोषण का शिकार हो रहे हैं एवं मौसमी बेरोजगारों की तरह जीवन व्यतीत कर रहे हैं। हमारा भविष्य पूर्ण अंधकारमय है जबकि देश के अन्य राज्यों हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान आदि राज्य में अतिथि व्याख्याताओं की स्थिति बेहतर है उन्हें वहां एकमुश्त मासिक वेतन के साथ पूर्णकालीन सेवा तथा जॉब सुरक्षा प्रदान किया जाता है। इसलिए हम लोग भी छत्तीसगढ़ शासन से एकमुश्त मासिक वेतन के साथ 12 माह की पूर्णकालीन सेवा, नई भर्ती/ स्थानांतरण से छटनी (प्रभावित) किए गए अतिथि व्याख्याताओं की पुनः नियुक्ति, 65 वर्ष तक की स्थाई नौकरी इन तीन बुनियादी मांगों को लेकर प्रदेश के सभी 5 संभागों के अतिथि व्याख्याता विभागीय मंत्री से गुहार लगाए हैं अतिथि व्याख्याताओं ने बताया है कि मंत्री जी गंभीरता से मांगों को सुने और विचार कर कार्यवाही का आश्वासन दिए हैं।

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