शहर में पेयजल की समस्या हो रही विकराल, नगरपालिका के पेयजल आपूर्ति संसाधनों के बावजूद भूजल स्तर गिरने से आने वाले दिनों में बढ़ सकती है पानी की समस्या, शहर के अधिवक्ता नरेश सेवक कुएं के पानी से कर रहे अपने दैनिक कार्यों की पूर्ति, शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होना चाहिए अनिवार्य

सक्ति– शक्ति शहर के 18 वार्डों में इस वर्ष गर्मी की प्रचंडता तथा भूजल स्तर नीचे चले जाने से पानी की समस्या विकराल होती जा रही है,जैसे-जैसे मानसून की दस्तक की संभावनाएं व्यक्त की जा रही है किंतु दूसरी ओर पानी की समस्या बढ़ती जा रही है, तथा अच्छे-अच्छे पानी के बोर वाटर लेबल नीचे चले जाने के कारण पानी दे पाने में असमर्थ हो गए हैं, तो वहीं स्थानीय नगर पालिका प्रशासन ने पेयजल आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्थाएं की है किंतु इसके बावजूद वाटर लेवल डाउन होने के कारण नगरपालिका के ये सिस्टम भी जवाब देने लगे हैं,तथा पालिका द्वारा टैंकरों के माध्यम से जहां पानी आपूर्ति की जा रही है तो वहीं वार्डों में भी जनप्रतिनिधियों तथा नगर पालिका प्रशासन द्वारा पानी के बोर पर निरंतर मानिटरिंग कर उसके रखरखाव के माध्यम से उसे व्यवस्थित किया गया है,किंतु सबसे बड़ी समस्या वाटर लेवल की है

वाटर लेवल के कारण जहां घंटो- घंटो पानी के बोर चल रहे हैं, किंतु वे पानी नहीं दे पा रहे हैं, शक्ति शहर के वार्ड क्रमांक- 8 हटरी चौक निवासी सीनियर एडवोकेट नरेश सेवक ने बताया कि उनके घर में भी पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है, तथा वे अपने घर में 80 साल पुराने कुवे से पानी भरकर अपने घर के दैनिक कार्यों की पूर्ति कर रहे हैं, तथा पानी का बोर उनका जवाब दे गया है,एवं पहली बार इस साल पानी की ऐसी समस्या उन्होंने देखी है,वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो पानी की समस्या विकराल होती जा रही है शहर में लगभग 90 करोड़ की लागत से पानी की टंकी का निर्माण किया जा रहा है किंतु यह योजना कब पूर्ण होगी यह कहना मुश्किल है, तथा इस वर्ष शक्ति शहर से लगे चांगो पार के दुकाल सागर तालाब एवं अन्य तालाबों को भी गहरीकरण तथा सौन्दर्यीकरण के लिए सुखा दिया गया है जिसके कारण भी इस साल नहरों का पानी भी शहर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाया एवं पानी की समस्या बढ़ती चली गई

तथा आने वाले वर्षों में हो सकता है तालाबों के गहरीकरण के कारण वाटर लेबल अच्छा हो किंतु इस वर्ष पानी ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए हैं तथा लोग आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश के इंतजार में हैं किंतु इंद्रदेव भी लगता है मानव से नाराज है, सूर्य देव की भारी तपिश को लोग झेल रहे हैं तथा बारिश का कहीं नामोनिशान नहीं है वही जन चर्चा के अनुसार केरल में कई दिनों पूर्व मानसून दस्तक दे चुका है किंतु केरल से मानसून के आने में समय लगता है तथा रात्रि 9-10 बजे तक गर्म लू के थपेड़े चलते रहते हैं जिससे लोगों को भीषण गर्मी का एहसास हो रहा है

शहर में इस वर्ष जिस तरह से वाटर लेवल की समस्या देखी गई है अगर आने वाले दिनों में प्रशासन ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की ओर ध्यान नहीं दिया, तो यह वाटर लेबल और अधिक नीचे चला जाएगा शहर सहित क्षेत्र में देखा जाए तो रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पूर्णता फेल है, तथा प्रशासन मकानों एवं प्रतिष्ठानों की अनुमति के समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की अनिवार्यता की बात जरूर कहता है किंतु यह सिर्फ कागजों में ही है तथा ईस ओर ना तो जिला प्रशासन ध्यान दे रहा है ना ही स्थानीय प्रशासन ध्यान दे रहा है और जब तक लोग अपने घरों का पानी या की प्रतिष्ठानों का पानी वापस रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से रिचार्ज नहीं करेंगे तब तक भूजल स्तर अच्छा नहीं हो सकता एवं इसकी चिंता जिला प्रशासन को करनी चाहिए तथा अनिवार्य रूप से यह लागू होना चाहिए

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