धर्म की गंगा-असुरों का संहार कर सबकी रक्षा की-सुश्री आकृति तिवारी लोरमी,अड़भार के चरोदा में हो रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह

सक्ति- माँ अष्टभुजी की नगरी अडभार के समीपस्थ ग्राम चरौदा में साहू परिवार में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के कथा व्यास सुश्री आकृति तिवारी ने कहा कि श्रीराम के वामन अवतार से राजा बलि का अभिमान दूर हुआ,कृष्ण जन्म पर कहा कि देवकी बुध्दि का रुप हैं और वसुदेव विशुद्ध मन का । जब विशुद्ध मन और बुध्दि एक होते हैं तब श्री कृष्ण मिलते है। कंश अभिमान का प्रतीक है,अभिमान को दूर करना चाहिए। श्रीमद् भागवत कथा सात दिनों में मुक्ति दिलाने वाला ग्रंथ है।अनेक जन्मों तक साधना करने पर भी नहीं मिलने वाली मुक्ति राजा परीक्षित को सात दिनों मे मिल गई । जीव और ईश्वर एक है उपाधि केकारण भेद का ज्ञान होता हैं । वास्तविक रूप से आत्मा और परमात्मा, जीव और ईश्वर एक है बस भेद प्रतीति हो रही है। मन यदि सांसारिक विषयों का चिंतन छोड़ दे तो वह ईश्वर में लीन हो सकता हैं ।इस कथा से ज्ञान और वैराग्य बढ़ते हैं ।भागवत कथा ज्ञान वैराग्य और कृष्ण प्रेम बढ़ाने वाली है । धरती पर दैत्यों का उपद्रव बढ़ गया, लोग दुखी हो गये, तब सभी देवता ब्रह्मा जी के शरण में गए। ब्रह्मा आदि सभी देवता नारायण के पास प्रार्थना किए तब प्रभु देवकी वासुदेव के घर अवतार धारण किए । वसुदेव शुद्ध सत्व गुण का स्वरूप है ।देवकी निष्काम बुध्दि है इन दोनों का मिलन होने पर भगवान का जन्म होता है

कार्यक्रम के आयोजक मेहत्तर राम साहू , शिवनारायण साहू ,चन्द्रप्रकाश साहू,जय साहू, सुशांत, मयंक, रुद्रांश हैं, तथा आयोजक परिवार ने अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है, श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने काफी संख्या में भीड़ उमड़ रही है, एवं व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक से भी लोग मिलकर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं

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