“विकलांग-विमर्श एवं राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन ऐतिहासिक है”—रजनीश सिंह विधायक बेलतरा
सकती-अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद् का राष्ट्रीय अधिवेशन 12 जून को गीतादेवी रामचंद्र अग्रवाल विकलांग अस्पताल अनुसन्धान एवं नि:शुल्क सेवा केंद्र मोपका बिलासपुर के सभागार में बाईसवीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं सामान्य सभा की विशेष बैठक माननीय रजनीश सिंह विधायक बेलतरा के मुख्य आतिथ्य, डाँ. विनय कुमार पाठक, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शक वीरेन्द्र पाण्डेय, राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या केड़िया एवं सत्येन्द्र अग्रवाल, प्रांताध्यक्ष रायपुर (छत्तीसगढ़) के विशेष आतिथ्य में संपन्न हुआ
मुख्य अतिथि के रूप में अपने सारगर्भित उद्बोधन में विधायक रजनीश सिंह ने कहा कि डाँ. द्वारिका प्रसाद अग्रवाल के सपनों को साकार करने की दृष्टि से अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद् के विकलांगता के पुनर्वास और समग्र विकास को लेकर किये गए इस प्रयास में हर संभव सहयोग देने की वचनबद्धता के साथ दो दिवसीय विकलांग-विमर्श एवं राष्ट्रीय अधिवेशन को ऐतिहासिक निरूपित किया, अध्यक्षता की आसंदी से उद्बोधित उद्गार के उपक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डाँ. विनय कुमार पाठक ने जहाँ पूरे कार्यक्रम की समीक्षा की वहीँ वीरेंद्र पाण्डेय ने कहा कि ऐसी पारदर्शी और विकलांगों की सेवा के लिए समर्पित यह संस्था पूरे देश में अनोखी है

आर.एस. मिश्रा के आस्था मंत्र पठन और भारत माता तथा डाँ. द्वारिका प्रसाद अग्रवाल के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात् अतिथियों के स्वागत, राष्ट्रीय महामंत्री मदनमोहन अग्रवाल व कोषाध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल “राजू” के प्रतिवेदन और आडिट रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया I यदि एक ओर राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों की जानकारी से डाँ. अनिता सिंह ने अवगत कराया वहीँ दूसरी ओर प्रांतीय समिति का प्रगति-प्रतिवेदन सत्येन्द्र अग्रवाल ने प्रस्तुत किया I डाँ. संगीता परमानंद के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृत करते हुए नये मार्गदर्शक के रूप में प्रसिद्ध साहित्यकार, पत्रकार व समाजसेवी बी.एल.गौड़ को माननीया मृदुला सिन्हा गोवा की राज्यपाल के निधन के उपरान्त प्रतिष्ठित किया गया

इस अवसर पर राधेश्याम अग्रवाल को सर्वोच्च भामाशाह अलंकरण के साथ पवन नालोतिया, डी.पी. गुप्ता, सत्येन्द्र अग्रवाल सहित सक्रीय शाखाओं को भी सेवा-दानी सम्मान से नवाजा गया,कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र अग्रवाल “राजू” ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डी.पी. गुप्ता ने किया I इस अवसर पर अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद् एवं प्रयास प्रकाशन के द्वारा आमन्त्रित देश भर से आये जिन प्रतिनिधि साहित्यकार एवं समाजसेवियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही, उनमें डाँ.राहुल भागवत संदानशिव, राधाकृष्ण पाठक (भांडेर म.प्र.), रमाकांत चंदेल, डाँ.आनंद कश्यप, डाँ. विश्वनाथ कश्यप, बालगोविन्द अग्रवाल, बजरंग बली शर्मा, सृष्टि शर्मा, संजय शर्मा, नित्यानद अग्रवाल, डाँ. विवेक तिवारी व सी.पी. शर्मा महत्वपूर्ण रहा
विकलांग विमर्श पर राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं काव्य -पाठ
अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद् एवं प्रयास प्रकाशन बिलासपुर के संयुक्त तत्वाधान में द्वितीय दिवस न्यायमूर्ति चंद्रभूषण वाजपेयी, वीरेंद्र पांडेय व डॉ विनय कुमार पाठक के आतिथ्य में आयोजित विकलांग – विमर्श की संगोष्ठी में जहां शारदा प्रसाद झारखंड, डॉ अशोक अभिषेक झुमरीतलैया , डॉ सत्येंद्र दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट, राधाकृष्ण पाठक दतिया, डॉ चंद्रिका चौधरी, अर्चना पांडेय, कमला दीवान, अंतिमा गुप्ता दुर्ग, मीनाक्षी ठाकुर, धनेश्वरी सोनी गुल, डॉ भारती भट्टाचार्य, डॉ अर्चना तिवारी, डॉ बृजेश सिंह, रश्मि रामेश्वर गुप्ता, डॉ राघवेंद्र दुबे, डॉ विवेक तिवारी, आभा गुप्ता, डॉ प्रदीप निर्णेजक, दीनदयाल यादव, बद्री कैवर्त, डॉ मुकेश पांडेय, डॉ सुनीता परमानंद, डॉ राहुल संदानशिव जलगांव महाराष्ट्र, बजरंग बली शर्मा, बालगोविंद अग्रवाल, कंडाला श्रीनिवास, डॉ सौम्या, प्रीति प्रसाद, डॉ अनिता सिंह, दीपिका दुबे, बेनु प्रसाद सिदार, ओंकार प्रसाद साहू, डॉ गिरधारी अग्रवाल, डॉ अर्चना शर्मा, सृष्टि शर्मा, डॉ विश्वनाथ कश्यप कार्यक्रम का संचालन डॉ आनंद कश्यप ने किया,उद्घाटन समारोह का संचालन डॉ राघवेंद्र दुबे ने किया

विकलांग विमर्श पर राष्ट्रीय काव्यपाठ
अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे कवियों ने काव्य पाठ किये जिसमें डॉ अनिता सिंह, आभा गुप्ता, शोभा त्रिपाठी, डॉ प्रदीप कुमार निर्णेजक, डॉ विवेक तिवारी, बजरंग बली शर्मा, राजेश नितिन वस्त्रकार, केवल कृष्ण पाठक, दीनदयाल यादव, राजेश सोनार, अक्षिता शर्मा, आशा चंद्राकर, स्मृति मिश्रा, डॉ राघवेन्द्र दुबे, डॉ विश्वनाथ कश्यप, सुनील वर्मा, डॉ आनंद कश्यप, बालमुकुंद श्रीवास, संतोष शर्मा, बसंती वर्मा, बेनुप्रसाद सिदार, ओमकार प्रसाद साहू, डॉ बृजेश सिंह, राधाकृष्ण पाठक, धनेश्वरी आदि। काव्यपाठ का संचालन संगीत बनाफर ने की