प्रदेश सेनाध्यक्ष अजय नाथ तिवारी (भ.प.सेना) ने आज ब्रम्हचारी डाक्टर इन्दु भवानंन्द जी महाराज, धर्म संरक्षक भगवान परशुराम सेना शंकराचार्य आश्रम रायपुर के अगुवाई में महामहिम राष्ट्रपति को रायपुर कलेक्टर के माध्यम से ज्ञानवापी में प्रकट आदि विश्वेश्वर का पूजन एवं कश्मीर से हिन्दू पंडितो का पलायन रोकने एवं सुरक्षा देने हेतु ज्ञापन सौंपा। डॉ. इंदु भवानन्द महाराज ने जानकारी देते हुए कहा कि भगवान शिव का पूजन अपरिहार्य है।
काशी के ज्ञानवापी में प्रकट आदि विश्वेश्वर का पूजन करने का संकल्प लेकर उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं पश्चिमाम्नाय द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के शिष्य प्रतिनिधि स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पूज्य पाद महाराज श्री की आज्ञा से लिए तत्पर हुए ही थे कि प्रशासन ने उन्हें मठ में ही नजर बंद कर दिया।
शास्त्री परंपरा के अनुसार भगवान के प्रकट होने पर उनकी स्थिति की जाती है और भोग लगाया जाता है भगवान आदि विशेश्वर ज्ञानवापी में प्रकट हो गए हैं इसलिए उनको भोग लगाना और उनकी पूजन करना आवश्यक समझा जाता है अन्यथा ऐसा ना करने से शास्त्र की अवहेलना मानी जाती है। पूजा कोई भी करें भोग कोई भी लगाए किंतु पूजा और भोग दोनों आदि विश्वेश्वर को नियमित होना चाहिए। उपस्थित सदस्य-दीपक पाण्डेय, रत्नेश शुक्ल, शिवम्, आदित्य, राकेश चौबे, विमल ओझा, अशोक शुक्ल,मुकेश चौबे,लीगल सलाहकार वकील होरी लाल चन्द्राकर मुख्य रूप से उपस्थित थे।