राज्य स्तरीय अक्षय शिक्षा अलंकरण से सम्मानित हुए पाण्डेय बंधु

सक्ति के शैल पांडेय भी हुये उत्कृष्ट कार्यो के लिए समान्नित

सकती-शिक्षा के अलख जगाने वाले स्वर्गीय अक्षय कुमार पांडेय के जन्म जयंती पर प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार अक्षय अलंकरण 2022 5 जून को रायगढ़ के अंश होटल में किया गया जिसमें कोरोना के कारण 20 21 एवं 22 3 साल के पुरस्कार का वितरण एक साथ ही गई ज्ञात हो कि स्वर्गीय अक्षय कुमार पांडेय अपने समय 1960 के दशक में प्राइवेट स्कूल से अपनी जीवन गाथा प्रारंभ कर 1982 में प्राचार्य बने तथा 84 के बाद अपने रिटायरमेंट तक शिक्षा के लगभग सभी पदों प्राचार्य,डी ई ओ,उप संचालक,संचालकआदि पद पर सुशोभित रहे। उन्हीं के जन्म जयंती पर यह पुरस्कार उनके परिवार वालों द्वारा दी जाती है ज्ञात हो कि यह पुरस्कार राज्य स्तरीय एवं ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से दी जाती है एवं प्रतिभागी की किये गए कार्य की जांच टेस्ट ,मौखिक व उक्त समिति की टीम द्वारा की जाती है इस वर्ष यह पुरष्कार,सागर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कुलपति तिवारी,धमतरी डाइट प्राचार्य वी पी चन्द्रा,विप्र फाउंडेशन अध्यक्ष श्री शर्मा, मुंगेली डी ई ओ सतीश पाण्डेय और कवर्धा से आये बैदिक संतो के गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ

इसी तारतम्य में 2021 की पुरस्कार में 10 उत्कृष्ट शिक्षकों को 10 शिक्षकों को अलग अलग क्षेत्र में विशेष पुरस्कार जिसमें अक्षय सर्जक, अक्षय सहकार, अक्षय पुंज,अक्षय ज्योति,अक्षय शशी पुरस्कार दी जाती है तथा 20 अन्य शिक्षकों को शिक्षा प्रबोधक पुरस्कार से नवाजा जाता है ज्ञात हो कि यह पुरस्कार राज्यपाल पुरस्कार के ही तर्ज पर राज्य स्तरीय एवं भव्य और शालीन कार्यक्रम के माध्यम से किया जाता है इस वर्ष मालखरौदा से विजय पांडेय व्याख्याता शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय चांटीपाली मालखरौदा को अक्षय पुंज एवं शैल कुमार पांडेय आ.बा.आश्रम मसानिया खुर्द को अक्षय सहकार से सम्मानित किया गया

   

अक्षय शिक्षा अलंकरण समारोह बड़े ही शालीन व अनुशासित रूप में प्रातः 9.00 सरस्वती पूजा 9.30 से शैक्षिक संगोष्ठी एवं आदर्श शिक्षक – विद्यार्थी का अधिगम प्रस्तुति 12.30 से परिचर्चा 1.30 से लंच 2.30 से सम्मान समारोह-पुरष्कार वितरण का केंद्रबिंदु रायगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक के एक छोटे से गांव केंदवई बार के प्राथमिक शाला के बच्चे रहे जिन्होंने राज्य भर के शिक्षकों के सामने प्रत्यक्ष अंगेजी,हिंदी,गणित और छ.ग.सामान्य ज्ञान का जीवंत प्रदर्शन किया।स्कूल के सभी बच्चों को एक स्तर में और फर्राटेदार अंग्रेजी पठन,हिंदी पठन,फ्री स्टाइल गणित प्रश्नोत्तरी,तथा छ.ग. के सामान्य ज्ञान का बच्चों ने बेबाकी से जवाब देकर राज्य भर के शिक्षकों को हतप्रभ कर दिए। ज्ञात हो कि इस गांव की जनसंख्या केवल पांच सौ है और एक मात्र प्राथमिक स्कूल की दर्ज एक सौ सात है

 

जिन्हें तीन शिक्षकों सुरेंद्र मिश्रा प्रधान पाठक,वर्मा व पटेल सर द्वारा बेहतरीन तालीम दी गयी है तथा समिति के अध्यक्ष पटेल द्वारा दो एकड़ जमीन दान में दी गयी जिन्हें शिक्षा रत्न से सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों के उदबोधन के साथ ही कार्यक्रम की समापन हुई।
प्रेरणा लेकर प्रेरणा बने

संगोष्ठी में प्रधान पाठक शैलकुमार पाण्डेय ने किस किस चुनौती का सामना करते हुये अपने आश्रम को प्रेरणादायी बनाये एवं राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपना एवं अपनी आश्रम को उत्कृष्ट शाला के रूप में पहचान दिलाई,जिसकी प्रेरणा से आज अनेको स्कूल एवं शिक्षक अपनी कार्यो को ईमानदारी पूर्वक कार्य करके स्वयं प्रेरणादायक शाला बना रहे है

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