नवीन शक्ति जिले के शासन द्वारा घोषित अस्थाई कलेक्ट्रेट कार्यालय के स्थल को लेकर शक्ति के अलग-अलग संगठनों ने 03 जून को सौंपा प्रशासन को ज्ञापन

संगठनों के विरोध के बाद क्या जांजगीर कलेक्टर का बदला जाएगा आदेश

शक्ति शहर में खाली सरकारी जमीनों के आभाव के चलते बड़ी योजनाओं के लाभ से शहर वासी हैं वंचित

विगत वर्ष 2013-14 में भी सरकारी जमीन के आभाव में ही शक्ति का सरकारी कॉलेज बनाया गया था जेठा में

अगस्त 2021 से मई 2022 तक 8 महीनों के सफर में जिला प्रशासन ने किया शक्ति जिले के कार्यालय हेतु जेठा का चयन

सक्ति– नवीन शक्ति जिले के जेठा में प्रस्तावित अस्थाई कलेक्ट्रेट एवं एसपी कार्यालय के प्रारंभ होने के जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार शुक्ला द्वारा जारी आदेश को लेकर 3 जून को शक्ति शहर के विभिन्न स्वयंसेवी, सामाजिक ,व्यापारिक, राजनीतिक, धार्मिक संगठनों,एवम अधिवक्ता संघ सहित आम नागरिकों ने भी अपना विरोध- प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट के अस्थाई कार्यालय को शक्ति शहर सीमा में ही प्रारंभ करने की मांग की है

3 जून को सुबह हटरी धर्मशाला में विभिन्न संगठनों की सर्वदलीय मंच के माध्यम से संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी ने एक स्वर में नवीन जिला कार्यालय के स्थान को शक्ति शहर सीमा में या की आस पास के नजदीक के क्षेत्र में रखने की बात कही, तो वहीं दोपहर समय राज्य के विपक्षी राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी ने भी एक बैठक का आयोजन कर बैठक के पश्चात तहसील कार्यालय पहुंचकर मौके पर उपस्थित नायब तहसीलदार शिवकुमार डनसेना को ज्ञापन सौंपा, इस दौरान भाजपा नेताओं ने कहा की शक्ति शहर सहित आसपास के क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में शासकीय भूमि स्थापित है, किंतु इसके बावजूद कलेक्ट्रेट कार्यालय के लिए जेठा का चयन किया जाना अव्यवहारिक है, वही हटरी धर्मशाला में संपन्न सर्वदलीय मंच की बैठक के बाद भी विभिन्न संगठनों के लोगों ने संयुक्त रूप से तहसील कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार शिवकुमार डनसेना को ज्ञापन सौंपा तथा शहर में 3 जून को देखा जाए तो अनेकों संगठनों द्वारा आयोजित बैठक एवं बैठक पश्चात प्रेषित ज्ञापन में नवीन शक्ति जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय के जेठा में आदेशित स्थान का विरोध करते हुए इस स्थान को परिवर्तित करने की मांग की है

वही जिस तरह से जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर ने 1 जून 2022 को नवीन शक्ति जिला कार्यालय के अस्थाई कलेक्ट्रेट कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय संचालन को लेकर जो आदेश किया है,क्या उस आदेश को नागरिकों तथा संगठनों के विरोध-प्रदर्शन एवं मांग के पश्चात बदला जाएगा या परिवर्तित किया जाएगा, यह तो आने वाला समय बताएगा, किंतु जिस तरह से नवीन शक्ति जिले के अस्थाई कार्यालय को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है, उससे यह बात तो स्पष्ट है कि शक्ति शहर के नागरिक जो कि सकती को जिला बनाने की मांग करते थे, किंतु आज जिला घोषित होने के बाद जिले का मुख्यालय शहर से दूर जाता नजर आ रहा है

किंतु वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो अगस्त 2021 में प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा शक्ति को नवीन जिले की घोषणा करने के बाद से आज पर्यंत तक लगभग 8 माह के समय में स्थानीय प्रशासन एवं जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर जिला कार्यालय की स्थापना के स्थान को लेकर प्रयास तो किया है,किंतु न जाने क्यों जिला प्रशासन को शक्ति शहर या की आसपास के लगे स्थानों में नवीन जिला कार्यालय के संचालन को लेकर उचित जगह नहीं मिल पाई ऐसा प्रतीत होता है,वहीं दूसरी ओर लोगों का कहना है कि यदि जेठा में अस्थाई रूप से जिला कार्यालय प्रारंभ हो जाएगा तो आगे जाकर स्थाई रूप से भी वहीं आसपास के क्षेत्र में ही स्थाई जिला कार्यालय भी प्रारंभ होने की संभावनाएं रहेंगी,जिससे शक्ति शहर को इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा, जबकि शक्ति शहर मुख्य रेल मार्ग पर स्थित रेलवे स्टेशन है, साथ ही शक्ति शहर की जनता ने दशकों से शक्ति को जिला बनाने की पुरजोर मांग विभिन्न माध्यमों से करी थी

ज्ञात हो कि शहर के विभिन्न संगठनों द्वारा शहर सहित शहर से लगे कुछ दूरी के क्षेत्रों में विभिन्न न सरकारी जमीनों की बात कही जा रही है तो क्या इन सरकारी जमीनों को प्रशासन द्वारा जाकर अवलोकन नहीं किया गया यदि अवलोकन किया गया तो कहीं ना कहीं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नवीन कलेक्ट्रेट कार्यालय की स्थापना को लेकर निर्धारित मापदंडों के अनुरूप उन स्थानों को उपयुक्त नहीं पाया गया होगा जिसके चलते जेठा को चयनित किया गया है वही जेठा के चयन होने पर शासकीय क्रांति कुमार भारतीय महाविद्यालय जो कि लगभग 7 वर्षों से जेठा में संचालित है उसे भी अन्यत्र स्थानांतरित करना होगा तथा यह कॉलेज कहां स्थानांतरित होगा इस बात को लेकर भी अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है तथा हो सकता है जिला प्रशासन नागरिकों की भावनाओं को देखते हुए उपरोक्त जेठा के कालेज को शक्ति शहर में भी उचित स्थल का चयन कर यहां प्रारंभ कर दें क्योंकि सर्व प्रथम वर्ष 2007 में शक्ति शहर के बालक हाई स्कूल में ही इस शासकीय कालेज का शुभारंभ हुआ था किंतु उस समय भी जब वर्ष 2013-14 में नए कॉलेज भवन की स्वीकृति मिली तो स्थल के अभाव में ही इसे जेठा में चयन कर इसका नया भवन बनवाया गया था किंतु आज पुनः नवीन कलेक्ट्रेट जिला कार्यालय की स्थापना को लेकर भी कहीं ना कहीं स्थान का ही विवाद सामने आ रहा है तथा आने वाले समय में विगत दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शक्ति प्रवास के दौरान शक्ति में एक नए सरकारी कॉलेज की स्थापना की भी घोषणा हुई है तथा उपरोक्त कॉलेज भी शक्ति शहर में कहां पर बनेगा इस बात को लेकर भी अब चिंता का विषय है किंतु जिला प्रशासन एवं नवीन शक्ति जिले का प्रशासन भी हो सकता है नागरिकों के साथ बैठकर इसका कोई न कोई बीच का रास्ता निकालें

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