जानें राष्ट्रपति कोविंद के पहुंचने से प्रधानमंत्री मोदी क्यों हो गए शर्मिंदा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कारण शर्मिंदा हो गए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का दर्जा सर्वोपरि है इसलिए उन्हें काफी शर्मिंदगी महसूस हुई। हालांकि राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने वे एक ग्रामीण की हैसियत से गए थे न कि राष्ट्रपति के तौर पर।

दरअसल उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में आज प्रधानमंत्री मोदी को रिसीव करने राष्ट्रपति कोविंद पहुंच गए थे। इस बात का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मुझे रिसीव करने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आए जिससे मुझे शर्मिंदगी हुई थी। हम उनके नेतृत्व में काम करते हैं। उनके पद की गरिमा है लेकिन उन्होंने कहा कि वो संविधान का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि मेरा स्वागत उन्होंने एक ग्रामीण के तौर पर किया है न कि राष्ट्रपति के तौर पर।’ बता दें कि आज प्रधानमंत्री मोदी उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित पारौंख में हैं जो राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पैतृक गांव है। इस मौके पर प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रपति कोविंद, गवर्नर आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हैं।

राष्ट्रपति कोविंद ने भी अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘जापान में प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया था और कहा था, ‘मक्खन पर नहीं बल्कि पत्थर पर लकीर खींचना’। प्रधानमंत्री का यही अंदाज दुनिया में भारत की ताकत को नए अंदाज में रख रहा है।’ राष्ट्रपति के पैतृक गांव की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘यह भूमि देव भक्ति और देश भक्ति की है। मिलन केंद्र के जरिए राष्ट्रपति महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दे रहे हैं। आदर्श गांव का मिसाल बन उदाहरण पेश कर रहा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘भारतीय गांवों को माडर्न बनाना हमारी जिम्मेदारी है। यह नए भारत का आदर्श है। देश को आगे ले जाने के लिए गांवों में सुधार लाने की जरूरत है।
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