नेशनल हाईवे पर आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाएं, नगर पंचायत के पूर्व कर्मचारी दादूराम साहू की पत्नी चमेली साहू की हुई मौत
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से विधानसभा अध्यक्ष द्वारा प्रदत एंबुलेंस भी नहीं आई काम
सक्ति- 19 मई की सुबह बाराद्वार नगर पंचायत के पूर्व कर्मचारी दादूराम साहू निवासी पलाड़ीकला अपनी पत्नी चमेली साहू उम्र ६० वर्ष को साथ लेकर स्कूटी क्रमांक सीजी 11 ए एच 3691 में सवार होकर अपने रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने ग्राम ठठारी जा रहे थे बाराद्वार में एन एच 49 में डा राघवेन्द्र सिंह के क्लिनिक पास पहुंचे ही थे कि हाईवा नं सीजी 10 बीई 0315 ने पीछे से जोरदार टक्कर स्कूटी को मारी जिससे दादूराम साहू कुछ दूर जा गिरे लेकिन उनकी पत्नी सड़क पर ही गिर गई हाईवा की चपेट में आने से चमेली साहू का मौके पर ही मौत हो गई।घटना की जानकारी होने पर परिजन मौके पर पहुंचे गुस्साए ग्रामीणों ने आधे घंटे तक एन एच 49 पर चक्काजाम कर दिया जिसमें बिलासपुर जज की गाड़ी भी कुछ समय के लिए फंस गई। लेकिन बाराद्वार निरिक्षक रंजीत कंवर एवं सारागांव थाना प्रभारी सुरेश ध्रुव ने भीड़ को नियंत्रित कर उनके वाहन को जाम से निकाला ।घटना स्थल पर हालात को देखते हुए एसडीओपी पद्म श्री तंवर,सक्ती नगर निरीक्षक रूपक शर्मा, जैजैपुर थाना प्रभारी सतपती सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच कर परिजनों सहित अन्य ग्रामीणों को समझाइश दी साथ ही बाराद्वार तहसीलदार विष्णु प्रसाद पैकरा ने मृतक के परिजनों को तत्काल मुआवजा राशि 25000/- रु प्रदान की। जिसके पश्चात शव को पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम हेतु ले जाया गया

बाराद्वार एन एच 49 पर प्रतिदिन हो रही दुर्घटना
नगर के मध्य से गुजरे एन एच 49 पर प्रतिदिन तेज रफ्तार वाहन दुर्घटना को अंजाम दे रहे हैं, साथ ही इसके निर्माण के पश्चात अनेको लोग काल के गाल में समा चुके हैं।एन एच निर्माण के पश्चात बहुत से ऐसे स्थान हैं जहां पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है,वैसे देखें तो नगर में एन एच पर बहुत से ऐसे स्थान हैं जहां पार्किंग या स्थान नहीं होने से गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी की जाती है
शो पीस बनी नगर की एंबुलेंस सेवा
नगर पंचायत बाराद्वार द्वारा विधानसभा अध्यक्ष एवं सक्ती विधायक डॉ चरणदास महंत से नगर में स्वास्थ्य सुविधा एवं आपातकालीन चिकित्सा संबंधी परेशानी को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस की मांग की गई थी।जन भावनाओं को देखते हुए डॉ चरणदास महंत ने नगर में एंबुलेंस प्रदान किया, लेकिन यह एंबुलेंस महज शो पीस बना कर रह गया है।जब सिविल डिस्पेंसरी के प्रभारी को एंबुलेंस हेतु फोन किया जाता है तो कभी वो एंबुलेंस की चाबी लेकर सक्ती चले जाते हैं,तो कभी एंबुलेंस का ड्राइवर उनकी गाड़ी चलाने जाया रहता है।आज भी घटना के बाद जब शव को मर्चुरी ले जाने के फोन किया गया तो उनके पास ड्राइवर मौजूद नहीं था तब नगर पंचायत के कर्मचारी को भेजा गया लेकिन जब वह एंबुलेंस लेकर वहां पहुंचा तो उसमें पेट्रोल नहीं था तब मृतक के परिजनों ने उसमें पेट्रोल डलवाया तब जाकर शव को ले जाया गया।