नर्सिंग स्टाफ ही विकट परिस्थितियों में डाक्टरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर योगदान दे रही , मरीजों को नया जीवन देने में नर्सिंग स्टाफ का सराहनीय और प्रशंसनीय कार्य
रायपुर। श्री बालाजी नर्सिंग इंस्टीट्यूट, श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और श्री बालाजी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में नर्सिंग-डे धूमधाम-हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने चिकित्सा जगत में नर्सिंग स्टाफ की उल्लेखनीय सेवाओं और योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि नर्सिंग स्टाफ की मानवीय सेवाओं को कभी भुलाया नहीं जा सकता या यो कहे कि बिना नर्सिंग स्टाफ के हॉस्पिटल संचालन कर चिकित्सीय सेवाओं की कल्पना ही नहीं की जा सकती। सदियों से देश-विदेश में युद्ध में घायलों की सेवा नर्सिंग स्टाफ ही करता रहा है। युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की सेवा और इलाज की जिम्मेदारी नर्सों ने बखूबी निभाया। जब चिकित्सा सेवा की शुरूआत हुई तब मरीजों की सेवा करने वाले हाथों की कमी महसूस की गई। इस कमी को पूरा करने के लिए सबसे पहले महिलाओं को नर्सिंग ट्रेनिग देने की पहल की गई। शुरूआत में इस प्रोफेशन आने से महिलाएं हिचकती थी, लेकिन समय के साथ-साथ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार हुआ और आधुनिकीकरण हुआ, जिसमें पूरे विश्व में नर्सिंग सेवाओं के लिए प्रशिक्षण के लिए महिलाओं को प्राथमिकता दी गई ।

युद्ध के घायलों और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों की सेवा में समर्पित किया नर्सों ने अपना जीवन : डा. देवेन्द्र नायक
पूरे विश्व में नर्सिंग स्टाफ ने युद्ध में घायल मरीजों और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों और सामान्य मरीजों की सेवा की ख्याति अर्जित की। जिससे प्रेरित होकर महिलाओं ने नर्सिंग ट्रेनिंग की ओर रूचि दिखाई जिसके परिणाम आज विश्व के नामचीन हॉस्पिटल से लेकर देश के बड़े-बड़े हॉस्पिटलों में नर्सिंग स्टाफ तन-मन-धन से मरीजों की सेवा में समर्पित दिखाई दे रहा है। देश के सबसे बड़े हास्पिटल से लेकर ब्लाक स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंदों में नर्से मुस्तैदी से सेवाएं दे रही है। विश्व नर्सिंग-डे पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नर्सों की अभूतपूर्व सेवाओं का उल्लेख करते हुए पूरे विश्व में नर्सों के प्रति आभार जताने 12 मई को नर्सिंग-डे मनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्री बालाजी इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंस के चेयरमैन डा. देवेंद्र नायक और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती नीता नायक ने नर्सिंग स्टाफ के साथ केक काट कर उन्हें बधाई दी और उनकी सेवाओंं की सराहना की। वक्ताओं में डा. विरेंद्र पटेल, डा. कुलदीप छाबड़ा,डा. दीपक जायसवाल,डा. अनिल दुबे, नर्सिंग इंस्टीट्यूट की सुपरिंटेडेंट एन सलोनी, एनएसजी सुपरिंटेडेंट सलोनी पटेल, आशीष कमल, श्री बालाजी नर्सिंग इंस्टीट्यूट की प्रिंसिपल कविता सिंह तोमर ने नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि डाक्टर के बाद सबसे ज्यादा मरीजों की सेवा करने वाला नर्सिंग स्टाफ ही है जो अपनी सेवाओं से मरीजों को स्वस्थ करने में जीवंत योगदान दे रही है। डाक्टर तो मरीजों का आपरेशन करके नर्सिंग स्टाफ को जरूरी निर्देश देकर चले जाते है, लेकिन मरीजों की बिना थके दिन-रात सेवा नर्सिंग स्टाफ ही करती है।

नर्सों के बिना हॉस्पिटल संचालन की कल्पना नहीं की जा सकती: विरेंद्र पटेल
डा. विरेंद्र पटेल ने कोरोनाकाल में नर्सों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि महामारी की दौर में भी नर्सों ने अपने जान की परवाह न करते हुए मरीजों की जान बचाई जिसे लिए पूरा स्टाफ बधाई का पात्र है।वही डा. कुलदीप छाबड़ा ने कहाकि बिना नर्स के किसी भी मरीज का इलाज करना संभव ही नहीं है। पिछले दो सालों से पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है ऐसे कठिन समय में नर्से कोरोना वारियर्स बनकर सभी मरीजों की सेवा कर इतिहास रच दिया है। कोरोना काल में सबसे महत्वपूर्ण सेवाएं नर्सिंग स्टाफ की रही है जिसने दिन रात बिना पलक झपकाएं मरीजों की सेवा कर उन्हें स्वस्थ बनाने में बहेतरीन रोल अदा किया। नर्सिंग स्टाफ के महान योगदान को याद करने के लिए हर साल 12 मई को नर्सिंग डे मनाकर उनके प्रति सम्मान और आभार जताया जाता है। वही डा. दीपक जायसवाल ने बताया कि नर्सिंग डे मनाने के पीछे एक रोचक कहानी है, विश्व स्वास्थ्य संगठन की 201 वीं बर्थ एनीवर्सरी के मौके पर हर साल नर्सेस डे मनाते है।
वक्ताओं ने नर्सों के सम्मान में कविता पढ़कर आभार जताया-
तुम करती हो सेवा दान हो।
इस विपदा की घड़ी में तुम साथ हो।।
करती रही तुम सबका इलाज हो।
इस धरा पर तुम महान हो।।
जो करती सभी की सेवा वो नर्स तुम महान हो।
तुम्हारे कर्तव्यों को बारंबार प्रणाम हो।।