जानें क्या होता है ‘ब्लैक मून’, सूर्य ग्रहण को क्यों दिया गया ये नाम

आज 30 अप्रैल को बड़ी खगोलीय घटना घटित होने वाली है। इस साल का पहला सूर्य ग्रहण आज 30 अप्रैल को लगने वाला है। खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक यह आंशिक सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। खगोल वैज्ञानिक साल 2022 के पहले सूर्य ग्रहण को ‘ब्लैक मून’ (Black Moon) का नाम दे रहे हैं जो कि एक बहुत ही दुर्लभ घटना है।
सूर्य ग्रहण को इसलिए कहा जा रहा ‘ब्लैक मून’
‘ब्लैक मून’ 30 अप्रैल को लगने वाले पहले सूर्य ग्रहण का नाम दिया गया है। खगोल वैज्ञानिकों ने बताया है कि सूर्यास्त से ठीक पहले और इसके दौरान चंद्रमा सूरज के कुछ हिस्से को अवरुद्ध कर देगा और इस कारण से आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। गौरतलब है कि खगोल विज्ञान में ‘ब्लैक मून’ एक दुर्लभ घटना है और साल 2021 में इसे एक बार भी नहीं देखा गया था।
अमावस्या के दौरान हमेशा काला रहता है चंद्रमा
दरअसल हिंदू ज्योतिष में भी मान्यता है कि अमावस्या चरण के दौरान चंद्रमा हमेशा काला होता है। चांद के काला नजर आने की वजह से इसे ‘ब्लैक मून’ कहा जाता है।

सूर्य ग्रहण का समय

भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल की रात 12.15 मिनट पर शुरू होगा जो सुबह 4.07 मिनट तक रहेगा। चंद्रमा अपनी छाया का बाहरी हिस्सा ही सूर्य पर डालेगा। इस कारण से यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। आज 30 अप्रैल 2022 को लगने जा रहा सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण सिर्फ अंटार्कटिका, अटलांटिक क्षेत्र, प्रशांत महासागर, साउथ अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। गौरतलब है कि साल 2022 का दूसरा सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर को लगेगा।
शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *