रायपुर । छत्तीसगढ़ विविधताओं का प्रदेश है। हमारे प्रदेश की संस्कृति, कलाकृति के साथ-साथ यहां के खान पान का भी अपना एक महत्व है, जो लोगों को बहुत भाता है। आपके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक विशिष्ट स्थान प्राप्त किया है और निरंतर गति की ओर अग्रसर है। स्थानीय खान पान को छत्तीसगढ़िया सम्मान के साथ जोड़कर आपने हमारी संस्कृति, विरासत और परंपरा को संजोने का अद्भुत कार्य किया है। इसके लिए हम आपके हृदय से आभारी हैं।
बोरे बासी छत्तीसगढ़ का ऐसा एक भोजन है जो बचे हुए चावल को पानी में भिगोकर रात भर रख कर बनाया जाता है। फिर सुबह उसमें हल्का स्वादानुसार नमक डालकर टमाटर की चटनी या अचार और कच्चे प्याज के साथ खाया जाता है। छत्तीसगढ़ के लोग प्राय: सुबह बासी का ही नाश्ता करते हैं। आपने स्वयं कई बार इसके महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है, बोरे बासी खाने से न सिर्फ गर्मी और लू से राहत मिलती है बल्कि बीपी कंट्रोल रहता है डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती है। मुख्यमंत्री जी आपने कहा था कि हर श्रमिक, किसान और काम करने वाली बहनों के पसीने में बासी की महक है। यह वास्तव में आपकी संवेदना और आपके मन मे श्रमिकों के सम्मान को दर्शाता है।
आपने आगामी मजदूर दिवस के उपलक्ष्य पर डॉ खूबचंद बघेल जी के कथन ‘गजब विटामिन भरे हुए हैं, छत्तीसगढ़ के बासी मा को चरितार्थ एवं सार्थक बनाने की जो जन मान्य से अपील की है, उस अपील की ऊर्जा से छत्तीसगढ़ होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन तथा छत्तीसगढ़ रेस्टोरेंट एवं कैफे एसोसिएशन अभिभूत और प्रेरित है। हम सभी सदस्य आपकी प्रेरणा के अनुरूप आगामी मई मजदूर दिवस पर हमारे संस्थान में कार्यरत 70 प्रतिशत कर्मचारी जिनकी मेहनत एवं कर्तव्य निष्ठा से हमारे व्यापार को मजबूती मिलती है उनके सम्मान के लिए और उनके परिजनों व साथियों के लिए बोरे बासी व्यंजन की व्यवस्था करेंगें।