गुरु तेगबहादुर का 400वाँ प्रकाश पर्व आज, पहली बार लाल किले से किसी ‘धार्मिक समारोह’ को संबोधित करेंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली: सिख समुदाय के गुरु तेग बहादुर (Guru Teg Bahadur) का 400वाँ प्रकाश पर्व इस बार कई मायनों में विशेष होने वाला है। इस पर्व पर 21 अप्रैल 2022 को पीएम नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर पीएम मोदी, सिख समुदाय को लेकर खास संदेश दे सकते हैं। बता दें कि ऐसा पहली दफा हो रहा है कि प्रधानमंत्री किसी धार्मिक महोत्सव को लाल किले से संबोधित कर रहे हैं।

हालाँकि, स्वतंत्रता दिवस से इतर, पीएम मोदी इससे पहले 21 अक्टूबर को भी लाल किले से देश को संबोधित कर चुके हैं। उस दिन, आजाद हिंद फौज की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होना मौका का। बताया जा रहा है कि आज पीएम मोदी स्मारक सिक्के और डाक टिकट जारी कर सकते हैं। लाल किले से पीएम मोदी के इस कार्यक्रम को लेकर संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने जानकारी दी है कि गुरु तेग बहादुर सिखों के 9वें गुरु थे और मुगलों ने उन्हें लाल किले पर ही हत्या का फरमान सुना दिया था। यही नहीं,  गुरु तेग बहादुर ने कश्मीरी हिंदुओं और पंडितों को जबरन मुस्लिम बनाने का विरोध किया था।

कौन थे गुरु तेग बहादुर:-

बया दें कि गुरु तेग बहादुर सिखों के 9वें गुरु थे। उनका जन्म अमृतसर में हुआ था। वो गुरु हरगोविंद जी की पाँचवी संतान थे। सिखों के 8वें गुरु हरकिशन जी के निधन के बाद उन्हें नौवाँ गुरु बनाया गया था। उन्होंने 14 वर्ष की छोटी सी आयु में ही अपने पिता के साथ मुगलों के साथ हुए युद्ध में अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय दे दिया था। मुगल आक्रान्ता औरंगजेब ने 1675 ईस्वी में गुरु तेग बहादुर को इस्लाम स्वीकार करने को कहा था। मगर, गुरु ने जवाब दिया कि शीश कटा सकते हैं, लेकिन केश नहीं। इसके बाद औरंगजेब ने उनका सिर कटवा दिया था। दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीशगंज गुरु तेग बहादुर को ही समर्पित है, जिसे गुरुद्वारा शीशगंज साहिब के नाम से जाना जाता है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *