देवघर में हुए रोपवे हादसे का भक्तों पर नहीं पड़ा कोई असर, बोले- ‘यहां मौत आती, तो ज्यादा अच्छा है’

देहरादून: झारखण्ड के देवघर में रोपवे दुर्घटना के बाद, हरिद्वार मनसा देवी रोपवे का फैक्ट चेक किया गया, जिसमें पाया गया कि देवधर की घटना का हरिद्वार के तीर्थ यात्रियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। मां मनसा देवी जाने वाले भक्त बड़े आँकड़े में कतार में लगकर रोपवे से, मां मनसा देवी के दर्शन करने के लिए जा रहे हैं। इन भक्तों में मां के प्रति अपार श्रद्धा है। वह मानते हैं कि देवघर के हादसे से उनके मन में किसी प्रकार का कोई डर नहीं है। लोगों ने कहा- ‘जब मां ने बुलाया है, तो डर किस बात का, जो होगा मां देखेंगी। यदि मौत यहां आती है, तो ज्यादा अच्छा है।’

वहीं, मां मनसा देवी वर्मा चंडी देवी रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी ऊषा ब्रीको लिमिटेड के जीएम मनोज डोवाल ने बताया कि उनके द्वारा 42 वर्षों से रोपवे का संचालन किया जा रहा है। रोपवे के संचालन के लिए सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है। साथ ही, पूरे साल सुरक्षा चेक तथा रोजाना संचालन से पहले 2 घंटे सुरक्षा प्रबंधों को चेक किया जाता है।

वही प्रतिदिन 3 घंटे एवं शाम को EMS एक्टिविटी होती है। यहां साप्ताहिक तथा मंथली चेक होते हैं। वर्ष में एक बार, 10 दिनों के लिए शटडाउन किया जाता है। देश में 9 रोपवे संचालित कर रहे हैं। सबसे पहले प्राथमिकता सुरक्षा है। यहां पर मनसा देवी रोपवे में 26 केबिन ऑपरेट किए जा रहे हैं, जबकि चंडी देवी रोपवे में 42 केविन ऑपरेट किये जाते हैं। ऊषा ब्रीको लिमिटेड के GM मनोज डोवाल ने बताया कि देवघर की घटना से यहां कोई डर नहीं है। मां मनसा देवी रोपवे पर 2010 में एक छोटा हादसा हुआ था, किन्तु कोई बड़ी घटना नहीं हुई। रोपवे के लाइसेंस को लेकर उन्होंने कहा कि चीफ रोपवे इंस्पेक्टर विटकुल रोपवे की प्रति वर्ष तहकीकात करते हैं, फिर उनका लाइसेंस रिन्यू होता है। हम लोग सभी एनओसी प्रशासन से लेते हैं।

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