पेपर मिल में मजदूरों के भुगतान नहीं होने का मामला उठा विधानसभा में,जांजगीर-चांपा जिले के चांपा शहर में दशकों से स्थापित है मध्य भारत पेपर मिल
छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं जांजगीर-चांपा विधायक नारायण चंदेल ने उठाया मामला
सक्ती– जांजगीर-चांपा जिले के चांपा शहर के नजदीक मध्य भारत पेपर मिल के द्वारा मजदूरों को भुगतान नहीं किये जाने का तथा मिल को कबाड़ में बेचे जाने का मामला विधान सभा में जांजगीर चांपा के विधायक एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल ने उठाया है,ज्ञात हो कि गत दिवस जांजगीर-चाम्पा क्षेत्र के विधायक एवं छ.ग. विधान सभा के पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल ने छ.ग. विधान सभा में धयानाकर्षण के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृश्ट करते हुए कहा कि जांजगीर-चाम्पा जिले के ग्राम पिसौद, बिरगहनी में स्थापित मध्य भारत पेपर मील विगत 03 वर्षो से बंद है, उसमें कार्यरत कर्मचारियों को वेतन, भत्ता, भुगतान, ठेकेदारों द्वारा सामग्री सप्लाई की राशि एवं मजदूरों का भुगतान शीघ्र किये जाने, लीज पर प्राप्त शासन की जमीनों को उद्योगपतियों द्वारा अन्य लोगों को अवैध रूप से बेचे जाने तथा क्षेत्र के काबाड़ियों द्वारा पेपर मील के मशीनों एवं कल पूर्जों को कबाड़ियों द्वारा बिना शासन व प्रशासन के परमिशन के ले जाया जा रहा है, तथा कुछ लोगों के द्वारा अनाधिकृत रूप से कबाड़ियों को बेचा जा रहा है। इन सारे विषय को विधानसभा में अपने ध्यानाकर्शण के माध्यम से जोर-शोर से विधान सभा में उठाया, तथा इस पर शीघ्र रोक लगाने की बात कहीं, तथा इसमें जो भी लिप्त है, चाहे व शासन का व्यक्ति हो, या की कोई उद्योगपति द्वारा भेजे गये व्यक्ति हो, उस पर तत्काल रोक लगाने की बात कहीं, विधायक चंदेल ने तथ्यों एवं तर्को के माध्यम से कहा कि वहां पर मजदूरों, ठेकेदारों का भुगतान सुनिश्चित किया जाये तथा शासन द्वारा उक्त उद्योगपतियों को जमीन दी गई थी, उसके विक्रय पर तत्काल रोक लगाया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि जो पेपर मील का रेस्ट हाउस है उसे भी बेचा जा रहा है, जो पूर्ण रूप से अवैधानिक है।
विधायक चंदेल ने सदन में यह जानकारी देते हुए बताया कि इस उद्योग को संन-1982 में 98.88 एकड़ 99 साल की लीज पर प्रदान किया गया था। उक्त जमीन को भी विक्रय किये जाने की कार्यवाही इस उद्योग के मालिक के द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही इसमें निजी जमीनों के अतिरिक्त आदिवासी भाईयों की भी जमीन इस भूमि पर संलग्न है
विधायक श्री चंदेल ने बताया कि उक्त उद्योग द्वारा कर्मचारियों, अधिकारियों एवं ठेकेदारों का बड़ी संख्या में भुगतान बांकी है। साथ ही पी.एफ. ग्रेच्यूटी, बोनस, ई.एस.आई.सी. दिया जाना है। इसके साथ ही इस उद्योग का बिजली बिल, पानी का बिल, लीज का रेंट, जी.एस.टी. का भुगतान सहित अन्य विभागों का राशि बकाया है,विधायक चंदेल ने विधान सभा में इस मामले को जोर-शोर से उठाते हुए तत्काल उक्त उद्योग के प्रबंधन एवं उसमें संलग्न सभी लोगों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए जिन लोगों का भुगतान बकाया है उसे देने का आग्रह किया है, तथा जिला प्रशासन को इस पर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करने का आग्रह किया। उन्होंने अंत में इस पुरे मामले की जांच समिति गठित करने व इसकी जांच करने का आग्रह भी किया है।