रायपुर. सीएम भूपेश बघेल ने तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया. विपक्ष के बहिर्गमन के बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है. आज सदन की कार्यवाही में क्या-क्या खास हुआ पढ़िए…
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में सवाल उठाए. बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विधानसभा राज्यपाल के अभिभाषण के बाद कोई काम नहीं होता है. संभवतः श्रद्धांजलि के बाद सब समाप्त हो जाता है. यह राज्यपाल का अपमान है. हमारी छत्तीसगढ़ विधानसभा उच्च परंपरा को स्थापित करने वाला सदन है. सदन की कार्य अवधि बढ़ाने का अधिकार है. विशेष परिस्थितियाँ कौन सी है कि तिथि आगे नहीं बढ़ाई जा रही.
रायपुर खुज्जी विधायक दोपहिया वाहन चलाकर विधानसभा पहुँची. उनकी गाड़ी में एक स्टिकर लगा हुआ था जिसमे प्रियंका गांधी की फोटो के साथ लिखा हुआ है ” लड़की हूँ लड़ सकती हूँ ” खुज्जी विधायक छन्नी साहू ने पति चंदू साहू के खिलाफ हुए एफआइआर के विरोध में पुलिस व जिला प्रशासन पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए अपनी सुरक्षा लौटा दी है. कांग्रेस की ये महिला विधायक नक्सल प्रभावित इलाक़े से विधायक है.
सदन की कार्यवाही में ये भी ख़ास… नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का उत्कृष्ट विद्यालय शुरू किया जाएगा. 26 नए सरकारी कॉलेज शुरू किये गए. बालिकाओं की शिक्षा निशुल्क करने उठाये गए कदम. शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए गए. शिक्षा ऋण के ब्याज में छूट की योजना का मिल रहा लाभ. युवाओं के सर्वागीण विकास पर ध्यान दिया गया. राजीव युवा मितान क्लब शुरू किए जा रहे हैं. नई आबकारी नीति के तहत नशाबंदी के लिए तीन कमेटियों का गठन किया गया. राम वनपथ गमन को सरकार पूरा कर रही. विभिन्न जिलों में पर्यटन को बढ़ावा देने भूमि आरक्षित कराई जा रही. पर्यटक स्थल के विकास से पर्यटकों की संख्या में तेजी आई राज्यपाल के अभिभाषण के बीच पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा- सरकार ने केवल शराब घर पहुँचाई, और कुछ नहीं पहुँचाया. विभिन्न विभागों की 132 सेवाएं ऑनलाइन की गई. रायपुर के साथ बिलासपुर,जगदलपुर एयरपोर्ट में विमान सेवा शुरू की गई. दरिमा में महामाया एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए विकास राशि जारी की. कोरबा में कमर्शियल एयरपोर्ट के लिए काम शुरू. रायपुर एयरपोर्ट में कार्गो हब के लिए गंभीरता से प्रयास जारी. हर हाथ को काम देने की दिशा में सरकार की स्पष्ट सोच
दिसंबर 2021 सत्र के सत्रावसान के चलते निर्धारित प्रश्नोत्तरी को पटल पर रखा गया. राज्यपाल की अनुमति प्राप्त विधेयकों को पटल रखा गया. विपक्ष ने बजट सत्र की अवधि बढ़ाये जाने की मांग की. पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कोरोना के चलते दो सालों से सदन में चर्चा नहीं हो पाई. परम्पराओ को तोड़ा जा रहा. विपक्ष ने सदन किया बहिर्गमन. सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित. छत्तीसगढ़ बजट सत्र की शुरुआत आज हंगामे के साथ हुई है…राज्यपाल का अभिभाषण शुरू भी नहीं हुआ था कि..बीजेपी विधायकों ने अपने सीट पर खड़े होकर बोलना शुरू कर दिया..पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि…आपसे तीन बार भाषण पढ़वा चुके है…लेकिन उनमें से 70 प्रतिशत बातों को पूरा नहीं किया..ऐसे में उन बातों को न पढा जाए जो पूरा नहीं किया गया है…बृजमोहन अग्रवाल के साथ अजय चंद्रकार भी खड़े हो गए और कहा कि आप पर राजनीति करने के आरोप लगाया गया है..इन टोकाटाकी की अनदेखी करते हुए राज्यपाल ने अभिभाषण पढ़ा… राज्यपाल ने राज्य सरकार की उपलब्धि और ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने के सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि नरवा गुरवा घुरवा बाढ़ी से प्रदेश के ग्रामीणों का विकास हुआ है…राज्यपाल के कार्यो का जिक्र करते हुए कहा कि..सबके स्वावलंबन, उन्नत स्वास्थ्य एवं शिक्षा के साथ समृद्ध और खुशहाल छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों से न सिर्फ तात्कालिक संकटों का समाधान हुआ है बल्कि राज्य की दीर्घकालीन विकास नीति की बुनियाद भी मजबूत हुई है
सदन में आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वित्तीय वर्ष 2021-22 की तृतीय अनुपूरक अनुमान बजट सदन में प्रस्तुत किया..इस दौरान विपक्ष ने आसंदी से राज्यपाल के अभिभाषण के बाद तृतीय अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए समय बढ़ाने मांग की..जिस पर आसंदी में विचार करने का आश्वासन दिया पर असंतुष्ट विपक्ष ने सदन का बहिर्गमन कर दिया..जिसके बाद सदन की कार्यवाही कल 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.. विपक्ष की टोकाटाकी को लेकर मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि..विपक्ष के पास कोई मुद्दा और विषय नहीं है…राज्यपाल ने सरकार के कार्यों का प्रतिबिम्ब पेश किया है..विपक्ष ने ऐसा करके राज्यपाल का अपमान किया है… इस मामले में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सरकार को सच्चाई को बुलाना चाहिए..जो काम नहीं हुए वो बुलवाया जाता है..वहीं उन्होंने सत्र की कम अवधि पर कहा कि..राज्य निर्माण के पश्चात बजट सत्र की सबसे कम अवधि है..दो सालों तक कोरोना काल में चर्चा नहीं हो पाई…ये सरकार चर्चा से भागना चाहती है…लेकिन सदन में जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं होगी तो कहा होगी..यह सरकार प्रचलित परम्परा को तोड़ने का काम कर रही है.